भंडरा से भंवरो, बेदाल, मसमानो सड़क बदहाल ,अधिकारी खामोश ,जनता परेशान

भंडरा प्रखंड क्षेत्र की एक प्रमुख सड़क, जो भंडरा से भंवरों, बेदाल होते हुए मसमानो तक जाती है, आज पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है

फोटो. सडक़ की बदहाल सि्थति राजेश गुप्ता भंडरा,लोहरदगा: भंडरा प्रखंड क्षेत्र की एक प्रमुख सड़क, जो भंडरा से भंवरों, बेदाल होते हुए मसमानो तक जाती है, आज पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है. लगभग 6 किलोमीटर लंबी इस सड़क का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह न केवल भंवरों और मसमानो पंचायत के दर्जनों गांवों को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ती है, बल्कि गुमला जिले के कई गांवों को भी भंडरा से जोड़ती है. खराब सड़क के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालक गांवों तक जाने से कतराते हैं, जिससे लोगों की दैनिक गतिविधियां बाधित हो रही हैं. इस सड़क का ऐतिहासिक महत्व भी है. यह मार्ग 1857 की क्रांति के वीर शहीद पांडे गणपत राय की जन्मस्थली भंवरों गांव तक जाता है. इसी मार्ग पर उनका स्मारक स्थल स्थित है, जहां हर वर्ष 17 जनवरी को उनकी जयंती मनायी जाती है. इस अवसर पर प्रदेश के नेता, मंत्री, सांसद और विधायक बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, विकास के वादे करते हैं, लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति पर किसी का ध्यान नहीं जाता. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस गांव ने आज़ादी की लड़ाई में एक शहीद को जन्म दिया, उसे आज़ाद भारत में एक अच्छी सड़क तक नसीब नहीं हो रही है. सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है सड़क की खराब हालत का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है. भंवरों और मसमानो पंचायत के गांव सब्जी उत्पादन में अग्रणी हैं. प्रखंड क्षेत्र की अधिकतर सब्जी इन्हीं गांवों में पैदा होती है, लेकिन खराब सड़क के कारण किसान अपनी उपज को बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं. वाहन चालक खराब रास्ते की वजह से गांवों तक जाने से इंकार करते हैं. इससे किसानों की मेहनत और आय दोनों प्रभावित हो रही हैं. क्षेत्र के विधायक मंत्री हैं, इसलिए उम्मीद है कि वे इस सड़क का कायाकल्प करेंगे प्रखंड में पदस्थापित अधिकारी इस समस्या पर मौन हैं और जनप्रतिनिधि भी उदासीन बने हुए हैं. पंचायती राज के प्रतिनिधि अपनी-अपनी डफली बजा रहे हैं, लेकिन जनता की समस्या का समाधान कोई नहीं कर रहा. क्षेत्र के विधायक झारखंड सरकार में मंत्री हैं, इसलिए लोगों को उम्मीद है कि वे इस सड़क का कायाकल्प करेंगे. जनता आशान्वित है कि मंत्री होने के नाते वे इस सड़क की मरम्मत करायेंगे और क्षेत्र को राहत देंगे. यह समस्या केवल सड़क की मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की आजीविका, ग्रामीण विकास और ऐतिहासिक धरोहर के सम्मान से भी जुड़ी हुई है. यदि इस सड़क का पुनर्निर्माण होता है तो किसानों को बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और पांडे गणपत राय के स्मारक स्थल तक पहुंचना सरल होगा। इससे न केवल आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी बढ़ेगा.

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Published by: Vikash nath

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