जल संरक्षण से कृषि उत्पादन बढ़ा, भूगर्भ जल स्तर में सुधार : मंत्री दीपिका पांडेय सिंह

जल संरक्षण से कृषि उत्पादन बढ़ा, भूगर्भ जल स्तर में सुधार : मंत्री दीपिका पांडेय सिंह

लोहरदगा़ कुड़ू प्रखंड के कोलसिमरी पंचायत अंतर्गत उमरी फुटबॉल मैदान में राज्यस्तरीय वाटरशेड महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग दीपिका पांडेय सिंह ने किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य में जलछाजन मिशन और पीएमकेएसवाई के माध्यम से लगभग 40 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर कृषि कार्य संभव हुआ है. अब किसान वर्ष में तीन सीजन की फसल ले पा रहे हैं. भूगर्भ जल स्तर में चार से 10 फीट तक सुधार हुआ है. जलछाजन से जुड़ने वाले किसानों के पास सिंचाई के लिए पूरे वर्ष पानी उपलब्ध रहता है. इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है और किसानों को आर्थिक संबल मिला है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार किसानों को समृद्ध बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है. मेहनतकश लोगों से राज्य की पहचान : मंत्री ने कहा कि झारखंड पर प्रकृति ने भरपूर कृपा की है. जल, जंगल और जमीन के साथ यहां के मेहनतकश लोग राज्य की पहचान हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हुआ है. जल ही जीवन है : मंत्री ने कहा कि जल के बिना जीवन संभव नहीं है. घरेलू उपयोग के अलावा सिंचाई और उद्योगों के लिए भी पानी जरूरी है. जलछाजन मिशन से जल और मिट्टी का संरक्षण होगा तथा जंगल सुरक्षित रहेंगे. वर्तमान में कुल कृषि योग्य भूमि का मात्र 20 प्रतिशत क्षेत्र ही सिंचाई सुविधा से आच्छादित है, जिसे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. पंचायतों को मिलेगा अतिरिक्त सहयोग : उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों और नगर परिषदों के विकास के लिए अपने राजस्व का चार प्रतिशत हिस्सा देगी. यह राशि विकास कार्यों में खर्च की जायेगी. राज्य वित्त आयोग से भी जिला परिषद और पंचायतों को राशि उपलब्ध करायी जायेगी. सवा लाख आवास पूर्ण : मंत्री ने बताया कि अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक 1.25 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं. 21 नवंबर से पंचायत और वार्ड स्तर पर कैंप लगाकर सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया जायेगा. जलछाजन मिशन से जुड़ने की अपील : झारखंड जलछाजन मिशन के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी मृत्युंजय बर्णवाल ने कहा कि जिस तरह लोग अबुआ आवास योजना से जुड़ रहे हैं, उसी तरह जलछाजन योजना से भी जुड़ें. ग्रामसभाओं में इसकी चर्चा करें, क्योंकि भविष्य में जल संकट की संभावना को देखते हुए जल संरक्षण बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि जलछाजन की जानकारी अभी लोगों तक कम पहुंची है, इसलिए जागरूकता की आवश्यकता है. किसानों को हो रहा सीधा फायदा : उपायुक्त : उपायुक्त डॉ ताराचंद ने कहा कि जलछाजन प्रबंधन से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है. ग्रामीण विकास विभाग और कृषि विभाग के माध्यम से लघु सिंचाई और टपक सिंचाई योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है. सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. पोर्टल लांच और सम्मान समारोह : कार्यक्रम में मंत्री द्वारा जलछाजन की तकनीकी मार्गदर्शिका, कॉफी टेबल बुक और पोर्टल का विमोचन किया गया. जलछाजन में बेहतर कार्य के लिए चार किसानों को सम्मानित किया गया़ इनमें ग्राम तोड़ार के फलिंदर साहू, सरोज देवी, ग्राम उल्टी की शीला उरांव और ग्राम ख्वासअंबवा के पंचानंद शाह शामिल हैं. डीसी-1 में जामताड़ा, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम तथा डीसी-2 में सरायकेला, हजारीबाग और रांची जिला को बेहतर जनभागीदारी के लिए पुरस्कृत किया गया. अमृत सरोवर का लोकार्पण : मंत्री ने उमरी ग्राम में अमृत सरोवर का लोकार्पण किया और सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी भी ली. कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी, डीडीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, एसडीपीओ वेदांत शंकर, जिला परिषद सदस्य, तकनीकी विशेषज्ञ व काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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