लोहरदगा : दो लाख रुपये के इनामी भाकपा माओवादी एरिया कमांडर सहंगू महतो के आत्मसमर्पण को पुलिस ने उठाया गया अच्छा कदम बताया है.
सजंगू ने डीआइजी आरके धान व एसपी कार्तिक एस के समक्ष पुलिस केंद्र लोहरदगा में आत्मसमर्पण कर दिया. डीआइजी व एसपी ने समाज से भटके हुए लोगों से समाज की मुख्य धारा मेंं लौट आने को कहा है. उन्होंने कहा है कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. ज्ञात हो कि एरिया कमांडर सहंगू महतो चंदवा थाना क्षेत्र के हेंजला जमुवारी गांव का रहने वाला है. इसके खिलाफ किस्को थाना में कई मामले दर्ज हैं.
संगठन के सिद्धांत को देख फैसला लिया
सहंगू महतो माओवादी संगठन के नीति सिद्धांत को देख कर पार्टी संगठन से दूर होने का फैसला लिया. सहंगू महतो के अनुसार, माओवादी संगठन के पास कोई नीति सिद्धांत नहीं है. सिर्फ लेवी वसूली एवं संपत्ति बनाने की नियत से संगठन चलाया जाता है. हत्या एवं लेवी की मांग लोगों के बीच भय पैदा करने एवं संगठन को मजबूत करने के लिए की जाती है. उग्रवादियों द्वारा निर्दोष लोगों को भी अपना शिकार बनाया जाता है, ताकि क्षेत्र में भय व्याप्त हो और उन्हें आसानी से मांग की गयी लेवी की रकम मिल सके. उसने बताया कि संगठन दलदल की तरह है, जो एक बार फंस गया, वह फंसता चला जाता है.
अपने सहित अपने परिवार की भी इसमें बरबादी है. सहंगू महतो ने आत्मसमर्पण करने के पश्चात पत्रकारों को बताया कि उग्रवादी बहला-फुसला कर सीधे-साधे लोगों को अपनी टीम में रखते हैं. कुछ दिन काम करने के बाद उन्हें कुछ क्षेत्र की जिम्मेवारी दे दी जाती है और फिर पैसे वसूली का खेल खेलाया जाता है. उसने आम लोगों से इस दलदल में न फंसने की अपील भी की. उसने कहा कि संगठन के बड़े नेता वसूली गयी लेवी की रकम अपने पास रखते हैं, बाकी लोग जंगलों में भटकते रहते हैं.
2012 में माओवादी संगठन से जुड़ा था
एरिया कमांडर सहंगू महतो वर्ष 2012 में माओवादी संगठन से जुड़ा था. कुछ दिनों तक माओवादियों के साथ वोलेंटियर के रूप में काम किया. उसके बाद इसकी कार्य प्रणाली को देख कर संगठन ने प्रोन्नति देते हुए 2013 में उसे एरिया कमांडर बनाया. इसे हेसला बाघी टोली, लाधुप सेन्हा, जवाखाड़, मड़मा, आरा, कुदरा, नामुदाग व जमुवारी क्षेत्र की जिम्मेवारी दी गयी. एरिया कमांडर बनते ही सहंगू महतो ने संगठन द्वारा दिये गये क्षेत्रों में माओवादी संगठन को बढ़ाया तथा पुलिस के खिलाफ एवं लेवी वसूली के लिए कई कांडों को अंजाम दिया.
समर्पण नीति का लाभ उठायें: उपायुक्त
मौके पर डीसी डॉ भुवनेश प्रताप सिह ने कहा कि जिला पुलिस के बेहतर कार्य की बदौलत ही एरिया कमांडर सहंगू महतो आत्मसमर्पण कर रहा है. यह दूसरा अवसर है, जब कोई उग्रवादी सरेंडर नीति के तहत आत्मसमर्पण कर रहा है. उन्होंने कहा कि उग्रवादियों द्वारा लेवी के रूप में वसूली गयी राशि कूड़ा बन चुकी है. उन्होंने उग्रवादियों को आह्वान किया कि उग्रवादी समर्पण नीति के तहत आत्मसमर्पण करें. प्रशासन उन्हें सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं देगा.
सरकार ने मौका दिया है: डीआइजी
सहंगू महतो को आत्मसमर्पण कराने पहुंचे डीआइजी आरके धान ने लोगों से कहा कि झारखंड सरकार आत्मसमर्पण नीति लागू कर समाज से भटके लोगों को मुख्य धारा में जुड़ने का मौका दिया है.
इसका लाभ उग्रवादी उठायें, नहीं तो पुलिसिया कार्रवाई के आगे टिक नहीं पायेंगे और मारे जायेंगे. उन्होंने इनामी नक्सली के आत्मसमर्पण के संबंध में कहा कि इससे संगठन कमजोर होगा. यह पुलिस के लिए बड़ी सफलता है कि जिला पुलिस प्रशासन एसपी कार्तिक एस के नेतृत्व में अभियान चला कर उग्रवादियों पर दबाव बढ़ाया एवं आत्मसमर्पण नीति के तहत आत्म समर्पण करने के लिए प्रेरित किया.
