लोहरदगा : उपायुक्त डॉ भुवनेश प्रताप सिंह रविवार को शिक्षक एवं अभिभावक की भूमिका में विद्यार्थियों के सामने नजर आये. समाहरणालय परिसर में डीसी डॉ सिंह ने विद्यार्थियों के साथ घंटों बातचीत की. डीसी ने बच्चों को अपने अनुभव बताते हुए कई सुझाव दिये. उन्होंने कहा कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत और ईमानदारी जरूरी है. उन्होंने कहा कि चुनौतियों को स्वीकार करना चाहिए. महापुरुषों की जीवनी को पढ़ना चाहिए. माता- पिता की बातों का पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारण कर काम करने पर सफलता निश्चित रूप से मिलेगी.
विद्यार्थियों ने डीसी से पूछा कि चिकित्सा सेवा छोड़ कर प्रशासनिक सेवा में आने की प्रेरणा उन्हें कहां से मिली. उन्होंने कहा कि लक्ष्य का निर्धारण किसी भी उम्र में किया जा सकता है. डीसी ने कहा कि केवल अंकों के लिए नहीं पढ़ना चाहिए. उन्होंने भगत सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने कम उम्र में ही अपने लक्ष्य का निर्धारण कर लिया था. उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मन से भी होनी चाहिए. डीसी ने कहा कि मन में अहंकार को नहीं आने देना चाहिए. कई विद्यार्थियों ने बैठक कक्ष से बाहर निकलने के बाद बताया कि उनके रॉल मॉडल डॉ भुवनेश प्रताप सिंह हैं. भविष्य में वे भी उनकी तरह बनना चाहेंगे. मौके पर कौशर परवीन, इरफान आलम, स्नेहा पांडेय, अशद रेहान, एस कुमारी, अमन कुमार राज, कृपाशंकर, अमिता चौधरी, अजहर आलम, रोजी परवीन, नाजी खान, अर्चना कुमारी, गणेश लाल, गौतम लेनिन, बालकिशोर शाहदेव, अजय मधुर व संजीव रंजन उपस्थित थे.
