पंचाइत कर गोइठ का 21वां संस्करण : शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुधार पर जोर, उपायुक्त ने कहा

लोहरदगा जिले में उपायुक्त डॉ. ताराचंद की अध्यक्षता में पंचाइत कर गोइठ का 21वां संस्करण आयोजित किया गया.

क्षेत्र में जो कमियां है, उसे दूर किया जायेगा लोहरदगा :

लोहरदगा जिले में उपायुक्त डॉ. ताराचंद की अध्यक्षता में पंचाइत कर गोइठ का 21वां संस्करण आयोजित किया गया. बैठक में जिले के सभी पंचायतों के मुखिया, पदाधिकारी और ग्रामीण शामिल हुए. उपायुक्त ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण में गुणात्मक सुधार करना है. उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए लगातार कार्य किये जा रहे हैं.

शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि हर पंचायत में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हों और पोषण की स्थिति बेहतर हो. इसके लिए विभिन्न योजनाओं को लागू किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कुरीतियों को समाप्त करने के लिए नियमित रूप से लोगों को जागरूक किया जा रहा है. साथ ही पथ निर्माण और पेयजल की समस्याओं को चिन्हित कर उनका समाधान किया जा रहा है.

बाल विवाह और डायन प्रथा पर सख्ती

उपायुक्त ने बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर विशेष रूप से जोर दिया. उन्होंने कहा कि यदि किसी पंचायत में जानबूझकर उम्र ज्ञात होते हुए भी बाल विवाह कराया जाता है तो संबंधित लोगों पर विधि-सम्मत कार्रवाई होगी. लड़कियों की विवाह योग्य आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष है. इससे पूर्व विवाह कराना कानूनन अपराध है. इसी प्रकार डायन प्रथा को उन्होंने अंधविश्वास करार दिया और कहा कि किसी महिला को डायन कहना अपराध है. इस कुप्रथा का उन्मूलन बेहद जरूरी है और समाज को इसके खिलाफ जागरूक होना चाहिए.

युवाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार

बैठक में युवाओं के लिए विशेष पहल की घोषणा की गई. उपायुक्त ने बताया कि आदिम जनजाति और पीवीटीजी समूह के युवाओं को भारी मोटरयान चलाने का प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण के बाद उन्हें प्लेसमेंट की सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी. इसके अलावा मोटर मैकेनिक का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा, जिससे इच्छुक युवा अपना व्यवसाय शुरू कर सकें. यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

किसानों के लिए धान अधिप्राप्ति

किसानों के हित में उपायुक्त ने बताया कि जिले में 25 धान अधिप्राप्ति केंद्र निर्धारित किये गये हैं. इनमें से अधिकांश केंद्रों पर धान जमा करने की सुविधा उपलब्ध है. किसानों को 24.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से भुगतान किया जा रहा है और राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जा रही है. अब तक 200 किसानों के खातों में 2.85 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे खुले बाजार में धान न बेचें, बल्कि चिन्हित केंद्रों पर ही धान दें.

ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण

कड़ाके की ठंड को देखते हुए उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन के पास राज्य सरकार से प्राप्त पर्याप्त संख्या में कंबल उपलब्ध हैं. जरूरतमंद और असहाय लोगों को चिन्हित कर कंबल वितरण किया जा रहा है. उन्होंने मुखियाओं से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती और प्रसूताओं को ठंड से बचाने पर विशेष ध्यान दें.

योजनाओं को सख्ती से लागू किया जाये

बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि सुदूरवर्ती पेशरार प्रखंड के सभी पंचायतों में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को सख्ती से लागू किया जाये. सभी विभागीय पदाधिकारी अपने-अपने योजनाओं की समीक्षा करें और सुनिश्चित करें कि लाभ सीधे जनता तक पहुंचे. बैठक में अपर समाहर्ता, आइटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी अंजना दास समेत सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डालसा सचिव राजेश कुमार भी जुड़े. इसके अलावा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, पंचायत मुखिया और ग्रामीणों ने भाग लिया.

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Published by: Vikash nath

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