बेतला में अब जंगल की कहानी सुनाएंगे स्थानीय आदिवासी युवा, 33 नेचर गाइड तैया

बेतला नेशनल पार्क में 60 घंटे की ट्रेनिंग के बाद 33 स्थानीय युवा नेचर गाइड के रूप में तैयार, 1 अक्टूबर से पर्यटकों को मिलेगी बेहतर सुविधा।

लातेहार: विश्व प्रसिद्ध बेतला नेशनल पार्क में इको-टूरिज्म को अधिक पेशेवर, वैज्ञानिक और स्थानीय समुदाय के अनुकूल बनाने के लिए पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) प्रबंधन ने विशेष पहल शुरू की है. पीटीआर प्रबंधन और द नेचुरलिस्ट स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय आदिवासी समाज के युवक-युवतियों के लिए पांच दिवसीय विशेष नेचर गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.

डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत अब तक 33 से अधिक स्थानीय युवाओं को सफारी गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को बेतला के गौरवशाली इतिहास और वन्यजीवों के बारे में प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है.

प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पांच दिनों में कुल 60 घंटे की गहन ट्रेनिंग दी गयी. इसमें थ्योरी क्लास के साथ कठिन फील्ड वर्क भी शामिल था. प्रशिक्षण को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए द नेचुरलिस्ट स्कूल की ओर से तीन अनुभवी मास्टर ट्रेनर विशेष रूप से बेतला पहुंचे थे.

कोर्स डायरेक्टर और सेवानिवृत्त आर्मी अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल नंदिनी सेन की देखरेख में कड़े अनुशासन के साथ प्रशिक्षण संचालित किया गया. वहीं प्रकृति सुब्रमण्यम ने युवाओं को पर्यावरण की बारीकियों से अवगत कराया, जबकि सिद्धेश जे शंकर ने फील्ड वर्क और जंगल सफारी से जुड़े तकनीकी पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया. प्रशिक्षण के समापन पर ट्रेनर्स की ओर से युवाओं को विशेष गाइडिंग किट भी प्रदान की गयी.

फ्लोरा-फौना और औषधीय पौधों की दी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को फ्लोरा और फौना के बारे में जानकारी दी गयी. इसका उद्देश्य बेतला के पेड़-पौधों, दुर्लभ पक्षियों और वन्यजीवों की सटीक एवं वैज्ञानिक पहचान कराना था. इसके अलावा पीटीआर के जंगलों में पायी जाने वाली पारंपरिक जड़ी-बूटियों के महत्व और उनकी उपयोगिता के बारे में भी विस्तार से बताया गया.

युवाओं को देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के साथ विनम्र, पेशेवर और सुरक्षित व्यवहार के तौर-तरीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया. इससे वे पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी देने के साथ बेहतर तरीके से उनकी मेजबानी कर सकेंगे.

एक अक्टूबर से दिखेगा प्रशिक्षित गाइड का हुनर

फिलहाल मानसून और वन्यजीवों के प्रजनन काल के कारण बेतला नेशनल पार्क में जंगल सफारी पूरी तरह बंद है. पीटीआर प्रबंधन की योजना है कि एक अक्टूबर से पार्क में दोबारा सफारी शुरू होने से पहले सभी प्रशिक्षित गाइड को पूरी तरह तैयार कर लिया जाए.

पीटीआर प्रबंधन की इस पहल से जहां पर्यटकों को वन्यजीव और जंगल से जुड़ी वैज्ञानिक एवं प्रमाणिक जानकारी मिल सकेगी, वहीं स्थानीय आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नये अवसर भी खुलेंगे.


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By Prabhat khabar news desk

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