बेतला नेशनल पार्क से संतोष कुमार की रिपोर्ट
लातेहार. विश्व हाथी दिवस के अवसर पर पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध बेतला नेशनल पार्क में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में पार्क के आसपास स्थित विभिन्न सरकारी विद्यालयों के बच्चों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता और नई पीढ़ी को वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था.
विश्व हाथी दिवस का महत्व
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पलामू टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना और रेंजर उमेश कुमार दुबे ने विश्व हाथी दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. अधिकारियों ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हाथी हमारे पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. वे जंगलों के पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को संतुलित रखने में ''''कीस्टोन प्रजाति'''' के रूप में कार्य करते हैं. जंगलों के विस्तार और बीजों के प्रसार में हाथियों का अमूल्य योगदान होता है.
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हाथियों का जीवित और सुरक्षित रहना आवश्यक
कार्यक्रम में आए स्कूली बच्चों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनने की सीख दी गयी. डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने बताया कि पर्यावरण संतुलन के लिए हाथियों का जीवित और सुरक्षित रहना आवश्यक है. रेंजर उमेश कुमार दुबे ने भी मानव-हाथी द्वन्द्व को कम करने और जंगलों की सुरक्षा में स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी पर बल दिया. कार्यक्रम के अंत में बच्चों और स्थानीय लोगों ने पर्यावरण तथा हाथियों की रक्षा करने का संकल्प लिया.
महावत को किया गया सम्मानित
बेतला नेशनल पार्क में जुही,सीता ,मुर्गेश और राखी चार पालतू हाथी हैं. सभी को आकर्षक तरीके से सजाया गया था. इस दौरान हाथी महावत को सम्मानित किया गया
