अरशद आजमी, बारियातू मनरेगा कर्मियों की पिछले 23 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण प्रखंड में सभी कार्य पूरी तरह ठप हो गये हैं. काम बंद होने से मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है और वे पलायन को मजबूर हो रहे हैं. वहीं बीते चार माह से मजदूरी का भुगतान नहीं होने के कारण उनकी स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है. प्रखंड के करीब 10 हजार मजदूरों का लगभग तीन करोड़ रुपये मजदूरी बकाया है. मजदूर काम करने के बाद भी भुगतान के लिए कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं, जबकि पदाधिकारी आवंटन आने के बाद भुगतान का आश्वासन दे रहे हैं. हालात ऐसे हो गये हैं कि कई मजदूरों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. 1200 योजनाओं पर पड़ा असर हड़ताल का व्यापक असर प्रखंड में संचालित करीब 1200 योजनाओं पर पड़ा है. इनमें बागवानी, कुआं निर्माण, दीदी बाड़ी, डोभा समेत पीएम और अबुआ आवास योजनाएं शामिल हैं. अधिकांश मिट्टी आधारित योजनाएं अधूरी पड़ी हैं, जिससे उनके धंसने का खतरा बढ़ गया है. बागवानी योजनाओं के तहत लगाये गये पौधे पटवन के अभाव में सूखने लगे हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 200 एकड़ भूमि पर बागवानी लगायी गयी थी, जिसमें आम समेत अन्य इमारती पौधे शामिल हैं. इनकी पांच वर्षों तक देखभाल जरूरी होती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में यह कार्य प्रभावित हो रहा है. भुगतान नहीं, बढ़ी परेशानी प्रखंड में 13,968 जॉब कार्डधारी हैं, जिनमें लगभग 10 हजार सक्रिय मजदूर हैं. बीपीओ, रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता के हड़ताल पर चले जाने से मजदूरों और भुगतान व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है. मजदूरों का कहना है कि उन्होंने कुआं खुदाई में 24 से 42 दिनों तक काम किया, लेकिन अब तक मजदूरी नहीं मिली. पूछने पर केवल आश्वासन दिया जाता है कि राशि आने पर खाते में भेज दी जायेगी. मैटेरियल भुगतान भी अटका मनरेगा योजनाओं के तहत चल रहे करीब 60 कूप निर्माण कार्यों में मैटेरियल का भुगतान भी लंबित है. इससे लाभुकों की परेशानी और बढ़ गयी है. लोग भुगतान के लिए प्रखंड कार्यालय स्थित मनरेगा कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. क्या कहते हैं अधिकारी इस संबंध में बीडीओ अमित कुमार पासवान ने कहा कि मनरेगा कर्मियों की हड़ताल राज्य स्तरीय मामला है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि मजदूरों की बकाया मजदूरी उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है.
मनरेगा हड़ताल से ठप पड़े काम, मजदूरी नहीं मिलने से मजदूरों पर संकट
मनरेगा हड़ताल से ठप पड़े काम, मजदूरी नहीं मिलने से मजदूरों पर संकट
