जंगली हाथी का उत्पात, चार गांवों में एक दर्जन से अधिक घर व फसलों को बर्बाद किया

जंगली हाथी का उत्पात, चार गांवों में एक दर्जन से अधिक घर व फसलों को बर्बाद किया

बारियातू़ थाना क्षेत्र अंतर्गत शिबला पंचायत के मकरा, झिरमतकोमा, विश्रामपुर और पुरना शिबला गांव में सोमवार की रात एक अकेले जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया. हाथी ने एक दर्जन से अधिक किसानों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और खेतों में लगी फसलों को पूरी तरह रौंद डाला. ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर और दहशत के साये में गुजारी. घरों को तोड़ा, अनाज चट कर गया हाथी : ग्रामीणों के अनुसार, हाथी सबसे पहले मकरा गांव पहुंचा. वहां उसने बदु राम, बरजू राम और रोहन राम के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया. हाथी ने घरों में रखा धान और मक्का खा लिया और काफी अनाज छिंट कर बर्बाद कर दिया. इसके बाद हाथी ने रामसहाय उरांव के घर के पास बने धूमकुड़िया भवन की चार खिड़कियां तोड़ दीं और वहां रखा करीब पांच क्विंटल धान चट कर गया. सोहरी मासोमात, मंगरी देवी और भोला लोहरा के घरों के दरवाजे व खिड़कियां भी हाथी ने तोड़ डालीं. फसलों को पहुंचाया भारी नुकसान : हाथी ने न केवल घरों को निशाना बनाया, बल्कि खेतों में लगी आलू, लहसुन और गन्ने की फसल को भी पैरों तले रौंदकर बर्बाद कर दिया. झिरमतकोमा गांव में चुरामन गंझू के घर को हाथी ने पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. वहीं, मुकेश गंझू और रामचंद्र गंझू के अनाज व फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया. मुआवजे की गुहार : पीड़ित ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली हाथी को क्षेत्र से खदेड़ने और हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि अकेले हाथी के कारण पूरे इलाके में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है.

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