लातेहार . महुआडांड़ प्रखंड के ओरसा पंचायत अंतर्गत जामडीह गांव के ग्रामीण अपने बुनियादी हक और अधिकारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आयें. हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण जुलूस की शक्ल में शास्त्री चौक, बिरसा चौक और रामपुर होते हुए अनुमंडल मुख्यालय परिसर पहुंचे, जहां यह जुलूस एक सभा में तब्दील हो गया.
उप स्वास्थ्य केंद्र के स्थानांतरण पर फूटा गुस्सा
ग्रामीणों के भारी आक्रोश का सबसे बड़ा कारण जामडीह गांव के लिए स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्र को किसी अन्य पंचायत में स्थानांतरित किया जाना है. 232 परिवारों और करीब 1287 की आबादी वाले इस क्षेत्र के लोगों ने इस फैसले का पुरजोर विरोध किया है.
छत्तीसगढ़ सीमा और बूढ़ा पहाड़ की तलहटी का इलाका
बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा जामडीह गांव छत्तीसगढ़ की सीमा और बूढ़ा पहाड़ की तलहटी में बसा हुआ है. सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित इस गांव के लोगों को प्रखंड या अनुमंडल मुख्यालय पहुंचने के लिए छत्तीसगढ़ के रास्ते करीब 70 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है.
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इलाज के अभाव में जा रही हैं जानें
ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के पूर्ण अभाव के कारण गांव की स्थिति बेहद दयनीय है. गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति, जंगली जानवरों के हमले में घायल ग्रामीण या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को उन्हें कंधों पर उठाकर जंगलों और पथरीले रास्तों से गुजरना पड़ता है. समय पर चिकित्सा नहीं मिल पाने के कारण अब तक कई लोगों की जान भी जा चुकी है.
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डीसी के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के उपरांत ग्रामीणों ने लातेहार उपायुक्त को संबोधित एक मांगपत्र अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपा. इस दौरान जिला परिषद सदस्य इस्तेला नगेसिया, ओरसा मुखिया अमृता देवी, ग्राम प्रधान भरत नगेसिया, सत्येंद्र प्रसाद, प्रदीप नगेसिया, रामदेव नगेसिया, सलमान अली, रोबिन नगेसिया सहित काफी संख्या में ग्रामीण शामिल थे.
