वादाखिलाफी पर भड़के नवादा के ग्रामीण, सड़क जाम कर रोकी कोयला ढुलाई

वादाखिलाफी पर भड़के नवादा के ग्रामीण, सड़क जाम कर रोकी कोयला ढुलाई

हेरहंज ़ लातेहार जिले के हेरहंज प्रखंड अंतर्गत नवादा गांव में बुधवार को जन-आक्रोश सड़क पर उतर आया. तुबैद कोल परियोजना से कोयला लेकर बालूमाथ के कुसमाही रेलवे साइडिंग जाने वाले हाइवा वाहनों के परिचालन से नाराज ग्रामीणों ने नवादा चौक को पूरी तरह जाम कर दिया. सुबह 11 बजे से ही वाहनों का पहिया थम गया, जिससे देखते ही देखते सड़क पर कोयला लदे हाइवा की लंबी कतार लग गयी. ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक रूट परिवर्तन और प्रदूषण से मुक्ति का ठोस समाधान नहीं होता, वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे. समझौते की उड़ी धज्जियां, एक साल बाद भी रूट यथावत : जाम स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन से उड़ने वाली धूल (कोल डस्ट) ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. धूलकणों के कारण क्षेत्र के लोग सांस और आंखों की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. ग्रामीणों ने याद दिलाया कि 16-17 जनवरी 2025 को भी ””””हाइवा रोको अभियान”””” के तहत धरना दिया गया था. इसके बाद 18 जनवरी को अनुमंडल पदाधिकारी अजय कुमार की अध्यक्षता में डीवीसी कंपनी और प्रदूषण समिति के साथ बैठक हुई थी. उस वक्त कंपनी ने लिखित सहमति दी थी कि छह महीने के भीतर रूट बदल दिया जाएगा, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. कंपनी की इस वादाखिलाफी से ग्रामीण बेहद मर्माहत और आक्रोशित हैं. हादसे और अधूरी मदद : ग्रामीणों ने कंपनी पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि डीवीसी का उद्देश्य सिर्फ कोयला निकालना और मुनाफा कमाना है. सरधाबार निवासी सुरेंद्र गंझू का उदाहरण देते हुए लोगों ने कहा कि हाइवा की चपेट में आने से उनका दाहिना पैर टूट गया था. उस समय कंपनी ने इलाज के साथ-साथ परिवार के भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह 10 हजार रुपये देने का वादा किया था. पर हकीकत यह है कि न तो इलाज का खर्च मिला और न ही आर्थिक मदद. आज सुरेंद्र कर्ज लेकर इलाज कराने के बाद भी लाचारी का जीवन जीने को मजबूर हैं. घंटों चला जाम, नहीं पहुंचे जिम्मेदार अधिकारी : हाइवा रुकने की सूचना पर डीवीसी के प्रतिनिधि दीपक सिंह व ओमप्रकाश भगत मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की. उन्होंने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी, लेकिन खबर लिखे जाने तक कंपनी का कोई वरिष्ठ अधिकारी या प्रशासनिक प्रतिनिधि जाम स्थल पर नहीं पहुंचा था. मौके पर दिलीप जायसवाल, टिंकू जायसवाल, ओम जायसवाल, नरेश साव, संजय साव, नान्हू साव, लल्लू साव, गोलू जायसवाल, राजू प्रसाद, ईश्वरी साव, अजित कुमार, कारू साव, परमेश्वर भुईंया, सुरेश ठाकुर, सुनील रवि, गोबिंद सिंह, दीपक जायसवाल, मोनू जायसवाल, प्रकाश राम,राजेश राम,गुड्डू साव, मनीष जायसवाल, चंदन जायसवाल, अंकित जायसवाल, आशीष जायसवाल, बिनोद साव, पिन्टू साव, अजय साव, अमित जायसवाल,शंकर कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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