चंदवा, लातेहार : सद्गुरु सदाफल देव विहंगम योग संस्थान के संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज के नेतृत्व में कन्याकुमारी से निकली राष्ट्रव्यापी स्वर्वेद संदेश यात्रा गुरुवार की देर शाम चंदवा पहुंची. लुकूइयां गांव स्थित विहंगम योग आश्रम परिसर में विहंगम योग समारोह और ध्यान साधना सत्र आयोजित किया गया. इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. इससे पूर्व विज्ञानदेव जी महाराज का भव्य स्वागत किया गया.
मन की शांति से प्रकट होता है आत्मिक प्रकाश
कार्यक्रम की शुरुआत 'अ' अंकित ध्वजारोहण के साथ हुई. इसके बाद स्वर्वेद कथामृत का आयोजन किया गया. संत प्रवर ने कहा कि ईश्वर की कृपा से मानव जीवन मिला है. अज्ञान और अभिमान मनुष्य के दुख का बड़ा कारण हैं. प्रत्येक व्यक्ति के भीतर ईश्वर की अनंत शक्तियां मौजूद हैं और आत्मा के भीतर ही परमात्मा का वास है. स्वयं को जानकर ही मनुष्य अपने भीतर की दिव्य शक्ति का अनुभव कर सकता है.
उन्होंने कहा कि विश्व में बढ़ती अशांति का मुख्य कारण आंतरिक शांति का अभाव है. मन शांत होने पर ही आत्मा का वास्तविक प्रकाश प्रकट होता है. मन पर नियंत्रण के बिना अध्यात्म की पूर्णता प्राप्त नहीं की जा सकती.
संत प्रवर ने विहंगम योग के प्रणेता अमर हिमालय योगी अनंत श्री सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज के जीवन और साधना का उल्लेख करते हुए उनके बताये मार्ग पर चलने का आह्वान किया. श्रद्धालुओं से 14 और 15 दिसंबर को वाराणसी में आयोजित समर्पण दीप महोत्सव सह वार्षिकोत्सव में शामिल होने की अपील की गयी.
कार्यक्रम में केदार प्रसाद, विजय प्रसाद, मिथिलेश सिंह, रविंद्र प्रसाद, बदरी प्रसाद, अजय वैद, विशुनदेव प्रसाद, रामवृक्ष प्रजापति, पूरन प्रजापति, विजय पासवान समेत लातेहार जिले के श्रद्धालु और धर्मप्रेमी मौजूद थे.
