बालूमाथ (लातेहार): प्रखंड के जिपुआ गांव से बलबल होते उपरटोला तक कच्ची सड़क और बलबल नदी पर पुल नहीं होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बारिश के बाद इस मार्ग पर आवागमन दूभर हो जाता है. वहीं नदी पर पुल नहीं होने के कारण दोनों छोर के कई गांव टापू में तब्दील हो जाते हैं. लोगों को दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं के लिए भी परेशानी उठानी पड़ती है.
पुल और सड़क के अभाव में करीब तीन हजार की आबादी प्रभावित है. बलबल, बुढ़िया बलबल, भगत टोला, तिलैयादामर, स्कूल टोला, महुआटांड़, जिपुआ, कोलपतिया, बुचूवाटांड़, नई बस्ती ढिकना समेत दर्जनों गांव-टोले के लोग इससे प्रभावित हैं. स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर नदी पार कर स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं. कीचड़युक्त सड़क से किसी तरह स्कूल पहुंचते हैं. बच्चे जब तक सुरक्षित घर नहीं लौटते, तब तक अभिभावकों में चिंता बनी रहती है.
समस्या को लेकर मुखिया ने सांसद को लिखा पत्र
गांव की इस गंभीर समस्या को लेकर मुरपा पंचायत के मुखिया अजय टाना भगत ने चतरा सांसद कालीचरण सिंह को पत्र लिखकर बलबल नदी के दोनों ओर करीब तीन किलोमीटर पीसीसी सड़क निर्माण और नदी पर पुल बनाने की मांग की है. मुखिया ने पत्र में बताया कि आजादी के बाद से अब तक इस कच्ची सड़क का निर्माण नहीं हुआ है. कई बार मांग उठाने के बावजूद यहां पुल का निर्माण नहीं कराया गया.
बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाने से ग्रामीणों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो जाता है. उन्होंने बताया कि पुल नहीं होने के कारण नदी पार करने के दौरान अब तक 25 से 30 लोगों की जान जा चुकी है. मुखिया ने जनहित को देखते हुए सांसद से शीघ्र सड़क और पुल निर्माण कराने की मांग की है.
