सरहुल प्रकृति की रक्षा का संदेश देता है: डीसी

जिला मुख्यालय के वासाओड़ा में सरना समिति की ओर से प्रकृति का पर्व सरहुल उल्लास और परंपरा के साथ मनाया गया. मौके पर उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने सभी को सरहुल की शुभकामनाएं दी.

लातेहार. जिला मुख्यालय के वासाओड़ा में सरना समिति की ओर से प्रकृति का पर्व सरहुल उल्लास और परंपरा के साथ मनाया गया. मौके पर उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने सभी को सरहुल की शुभकामनाएं दी. वहीं प्रकृति के संरक्षण का आह्वान किया. डीसी ने कहा कि महुआ चुनने के लिए पेड़ों के नीचे आग नहीं लगायें. इससे औषधीय पौधे जल जाते हैं. पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने कहा कि सरहुल प्रकृति व संस्कृति दोनों को बचाने का संदेश देता है. प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती. पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम ने कहा कि सरहुल हमें जल, जंगल व जमीन का संरक्षण करने का संदेश देता है. आइटीडीए निदेशक प्रवीण कुमार गगराई ने आदिवासियों के लिए चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी दी. संबोधन के बाद अतिथियों ने मांदर बजाकर सरहुल की शोभायात्रा का शुभारंभ किया. शोभायात्रा आदिवासी वासाओड़ा से निकल कर शहर के मुख्य पथ होते हुए बाजारटांड़ पहुंची. इसके बाद राजकीय पॉलिटेक्निक के पास सरना धाम पहुंची. यहां सास्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये. वहीं पुरस्कार वितरण किया गया. मौके पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुशील कुमार अग्रवाल, मनिका विधायक प्रतिनिधि हरिशंकर यादव, अमरजीत सिंह, राकेश दूबे, सरना समिति के अध्यक्ष पहलू उरांव, रंथु उरांव, बिरसा मुंडा, सुकू उरांव, जिप सदस्य विनोद उरांव, आर्सेन तिर्की, रिंकू कच्छप, राजेश भगत, पवन कुमार, प्रभात उरांव, प्रवेश उरांव, इंद्रदेव उरांव, नागेश्वर भगत, किशोर उरांव, सुरेंद्र उरांव व कमलेश उरांव समेत काफी संख्या मे लोग मौजूद थे.

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By Anuj singh

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