बेतला़ पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) और वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में बुधवार को बेतला में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. ””””जंगल और जानवरों के संरक्षण में मीडिया की भूमिका”””” विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में मानव-वन्यजीव संघर्ष, विशेषकर हाथी-मानव द्वंद्व की चुनौतियों पर विस्तृत समीक्षा की गयी. प्राकृतिक आवासों के अतिक्रमण से बढ़ी समस्या : कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक रवि रंजन ने कहा कि वर्तमान में मानव-वन्यजीव संघर्ष एक वैश्विक चुनौती बन गयी है. उन्होंने बढ़ते शहरीकरण, खनन, फोरलेन निर्माण और रेलवे लाइनों के विस्तार को इस समस्या का मुख्य कारण बताया. श्री रंजन ने कहा कि विकास की अंधी दौड़ में जानवरों के प्राकृतिक कॉरिडोर का अतिक्रमण हो रहा है, जिससे हाथी जैसे विशाल जीव भटककर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं. विभाग पूरी ताकत से इस पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी अपेक्षित परिणाम आने शेष हैं. पृथ्वी के संरक्षण के लिए एकजुटता जरूरी : पीटीआर के फील्ड डायरेक्टर एसआर नटेश ने पर्यावरण संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि जंगली जानवर हमारी पारिस्थितिकी का अभिन्न हिस्सा हैं. हमें यह समझना होगा कि पृथ्वी को हमारी नहीं, बल्कि हमें पृथ्वी की जरूरत है. आने वाली पीढ़ी के लिए जंगल और जानवरों को सुरक्षित रखना हमारा सामूहिक दायित्व है. कार्यशाला में प्रशिक्षक विराट सिंह और अंकित ठाकुर ने भी कई तकनीकी जानकारियां साझा कीं. मौके पर ये थे मौजूद : मौके पर प्रशिक्षक विराट सिंह, अंकित ठाकुर, पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष, छतरपुर नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद कुमार, रेंजर उमेश कुमार दुबे, अजय टोप्पो समेत विभाग के कई अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे.
जंगल और जानवरों को बचाने में मीडिया की भूमिका अहम : रवि रंजन
जंगल और जानवरों को बचाने में मीडिया की भूमिका अहम : रवि रंजन
