एचआईवी-एड्स, एसटीआई व ब्लड सेफ्टी विषय पर कार्यशाला आयोजित कटिहार बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के निर्देशानुसार जिला एड्स बचाव व नियंत्रण इकाई, कटिहार द्वारा सम्पूर्ण सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को एचआईवी-एड्स, एसटीआई व ब्लड सेफ्टी विषय पर एक कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया. यह कार्यक्रम सदर अस्पताल के सभागार में आयोजित किया. जिले के आठ प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया. उद्घाटन सीएस डॉ जितेंद्र नाथ सिंह, संचारी रोग प्राधिकारी डॉ अशरफ रिजवी, गैर-संचारी रोग प्राधिकारी डॉ रामरेखा सुमन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कोढ़ा, कुरसेला, समेली, फलका, प्राणपुर, डंडखोरा आदि प्रखंड के सीएचओ विशेष रूप से उपस्थित रहे. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को एचआईवी-एड्स व यौन संचारित संक्रमण से संबंधित विस्तृत जानकारी देना तथा आम जनमानस में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना था. कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम प्रबंधक शौनिक प्रकाश ने किया. बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति से आए टेक्निकल ऑफिसर अजय कुमार वर्णवाल ने एचआईवी संक्रमण के कारण, इसके लक्षण, बचाव के उपाय तथा जिले में उपलब्ध जांच व उपचार सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी. समय पर जांच और जागरूकता से इस बीमारी की रोकथाम संभव है. सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह ने सभी गर्भवती महिलाओं की एचआईवी और सिफलिस जांच अनिवार्य रूप से कराने तथा संदिग्ध मामलों को पुष्टि के लिए निकटतम आईसीटीसी सेंटर पर रेफर करने का निर्देश दिया. संचारी रोग प्राधिकारी डॉ अशरफ रिजवी ने कहा कि पंचायत स्तर पर आने वाले मरीजों के लक्षणों की सही पहचान करना बेहद जरूरी है. एचआईवी संक्रमितों के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, विशेषकर एड्स शताब्दी योजना और परवरिश योजना के बारे में भी विस्तार से बताया. ब्लड सेफ्टी के विषय में ब्लड सेंटर के डॉ बैद्यनाथ ने जानकारी देते हुए कहा कि सीएचओ अपने प्रखंडों में ब्लड स्टोरेज सेंटर स्थापित कराने में सहयोग करें. लोगों को रक्तदान शिविर के लिए प्रेरित करें. सम्पूर्ण सुरक्षा के डॉ मिथिलेश ठाकुर ने सभी प्रतिभागियों व अतिथियों का आभार व्यक्त किया. सफल बनाने में प्रभाकर लाल दास, राम निरेखन दूबे, रविशंकर झा, परवेज जफर अशरफी ने अपनी भूमिका निभायी.
समय पर जांच व जागरूकता से एचआईवी की रोकथाम संभव
समय पर जांच व जागरूकता से एचआईवी की रोकथाम संभव
