लातेहार ़ जिले में गर्मी की तपिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक इंसान और जानवर सभी त्रस्त हैं. भीषण गर्मी और जलस्रोतों के सूखने के कारण जंगली जानवर प्यास बुझाने के लिए अब शहरी इलाकों का रुख कर रहे हैं, जिसका सबसे अधिक असर बेतला क्षेत्र में देखा जा रहा है.हालांकि, प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. छुट्टी के बाद घर पहुंचते-पहुंचते उन्हें दोपहर का एक बज जा रहा है, जिससे वे चिलचिलाती धूप की चपेट में आ रही हैं. सब्जियों के दाम में उछाल, नींबू की ””””खटास”””” ने बिगाड़ा बजट : गर्मी और शादी-विवाह के लगन ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. मांग बढ़ने और आवक कम होने से हरी सब्जियों के दामों में भारी तेजी आयी है. राहत के लिए लोग खीरा, ककड़ी, तरबूज और ईख के जूस का सहारा ले रहे हैं. खीरा, ककड़ी और तरबूज 30 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहे हैं. वहीं, सबसे अधिक तेजी नींबू में है, जो 10 रुपये प्रति पीस मिल रहा है. सब्जियाें में कद्दू 30-40 रुपये, नेनुआ व झींगी 30 रुपये, हरा व लाल साग 40 रुपये और टमाटर व भिंडी 30 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रही हैं. स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी : राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचाव के लिए चिकित्सीय सलाह जारी की है. डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करे़ं धूप में निकलने से पहले सिर ढकने के लिए तौलिया या छाता साथ रखें. खाली पेट घर से बाहर न निकलें और समय-समय पर पानी पीते रहें. बच्चों को अधिक देर तक धूप में न रहने दें और स्कूल भेजते समय उन्हें रुमाल अवश्य दें. ताजे फलों के रस और ओआरएस के घोल का सेवन करें.
लातेहार का पारा पहुंचा 42 डिग्री, बेहाल हुए जनमानस और बेजुबान
लातेहार का पारा पहुंचा 42 डिग्री, बेहाल हुए जनमानस और बेजुबान
