लातेहार के सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालय मे नवीन अभिभावक गोष्ठी का आयोजन

लातेहार के सरस्वती विद्या मंदिर में नवीन अभिभावक गोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुवर्णप्राशन के लाभों पर विस्तृत चर्चा की गई।

लातेहार: सरस्वती विद्या मंदिर धर्मपुर में गुरुवार को नवीन अभिभावकों की गोष्ठी आयोजित की गई. इसका शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने किया. उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं से लेकर अनुशासन एवं उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था की जानकारी अभिभावकों को दी. साथ ही सुवर्णप्राशन की चर्चा करते हुए इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक बताया.

सुवर्णप्राशन को लेकर शिशु वाटिका एवं सुवर्णप्राशन योजना प्रमुख गीता कुमारी ने अभिभावकों को विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सुवर्णप्राशन में स्वर्ण भस्म, गाय का शुद्ध घी, शहद, ब्राह्मी, वचा, शंखपुष्पी, गिलोय तथा अश्वगंधा की असमान मात्रा होती है. 5 हजार वर्ष पूर्व कश्यप ऋषि द्वारा कश्यप संहिता में भी इसका उल्लेख मिलता है.

सुवर्णप्राशन भारत के सबसे पुरानी टीकाकरण की एक प्रक्रिया है जो प्रत्येक माह के पुष्य नक्षत्र में दी जाती है. सुवर्ण प्राशन की दवा याददाश्तवर्धक, रोग प्रतिरोधक, भूख बढ़ाने वाला, शक्ति वर्धक, हारमोंस संतुलन ठीक करने वाला, पाचन शक्ति बढ़ाने वाला ,शरीर और मस्तिष्क को पोषण देने वाला, हकलाहट दूर करने वाला, एकाग्रता बढ़ाने वाला है.

मौके पर सुमन देवी, काजल देवी, रितेश कुमार, ललित कुमार, भूपेंद्र प्रसाद, मनोज कुमार, बिंदु देवी, विकास प्रसाद समेत काफी संख्या में विभिन्न कक्षाओं के नवीन अभिभावक उपस्थित थे.


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