पुलिस की वर्दी में पहुंचे थे नक्सली, क्षेत्र में दहशत

चंदवा के इलाके में लंबे अंतराल के बाद माओवादियों की धमक दिखी है.

चंदवा. चंदवा के इलाके में लंबे अंतराल के बाद माओवादियों की धमक दिखी है. थाना क्षेत्र के तुरीसोत गांव स्थित महुआटांड़ जंगल में माओवादियों ने जिस तरह से आगजनी की घटना को अंजाम है, उससे इलाके के लोग दहशत में हैं. सीएमपीडीआइ की ओर से यहां कराये जा रहे कोल सर्वे साइट पर माओवादियों ने देर शाम में मजदूरों को बंधक बनाते हुए दो ड्रील मशीन समेत आठ वाहनों में आग के हवाले कर दिया. प्रत्यक्षदर्शी गार्ड ने बताया कि शनिवार की शाम अचानक जंगल की ओर से 8-10 की संख्या में हथियार से लैस नक्सली पुलिस की वर्दी में पहुंचे थे. नक्सलियों के साथ आये कुछ लोग जंगल की ओर भी थे. नक्सलियों ने कर्मियों व मजदूरों को कब्जे में लेने के बाद उनके मोबाइल जब्त कर लिये. मजदूरों के अनुसार आते ही नक्सलियों ने पूछा: किससे पूछकर जंगल में सर्वे का काम करवा रहे हो. उसके बाद सभी कर्मियों को नक्सलियों ने हथियार के बल पर एक साइड में किया, फिर कहा कि हम दिखाते हैं काम कैसे होता है. इसके बाद नक्सलियों ने डीजल डालकर एक-एक कर सभी वाहनों में आग लगाना शुरू कर दिया. कर्मियों के अनुसार वे लोग खुद को माओवादी दस्ते का सदस्य बता रहे थे.

लगातार दे रहे हैं घटना को अंजाम:

23 नवंबर-2022 को नक्सली संगठन ने चंदवा प्रखंड में बड़ी वारदात को अंजाम दिया था. पतरातू से सोन नगर तक थर्ड रेलवे लाइन निर्माण कार्य के दौरान चंदवा थाना के अंतर्गत टोरी व चेतर रेलवे स्टेशन के बीच डगडगी पुल पर भी माओवादी ने ड्रील मशीन समेत दर्जन भर वाहनों में आग लगा दी थी. इस घटना में कंपनी को करीब 18 करोड़ रुपये का का नुकसान हुआ है. वहीं पांच दिनों के भीतर लातेहार जिले में दो बड़ी घटना से लोग दहशत में है. 30 अप्रैल की देर रात महुआडांड़ थाना अंतर्गत ओरसा गांव में हथियारबंद उग्रवादियों ने सड़क निर्माण साइट पर हमला कर मुंशी की हत्या कर दी थी. जेसीबी समेत दो वाहनों को फूंक दिया था. तीन मई की शाम चंदवा थाना अंतर्गत तुरीसोत के महुआटांड़ जंगल में सर्वे कार्य में लगे आठ वाहनों को फूंक दिया.

तीन घंटे तक रुके रहे नक्सली:

स्थानीय ग्रामीणों की मानें, तो पिछले कई दिनों से यहां सीएमपीडीआइ कंपनी की ओर से सर्वे का कार्य जारी है. सर्वे साइड चारों ओर से घने जंगल से घिरा है. दिन के उजाले में यहां आना-जाना काफी मुश्किल है. घटनास्थल चंदवा व बालूमाथ प्रखंड के सीमाना पर स्थित है. यहां घटना को अंजाम देने व जंगली रास्तों का लाभ उठाकर भागने में किसी भी संगठन को परेशानी नहीं होगी. एक कर्मी की मानें, तो माओवादी दस्ता यहां दो से तीन घंटे तक रहे.

वर्जन:::

कोल टेस्टिंग को लेकर सीएमपीडीआइ की ओर से ड्रिलिंग करायी जा रही थी. इस घटना को किस संगठन ने अंजाम दिया है, इसकी जांच की जा रही है. नक्सलियों की धर-पकड़ के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

वाइएस रमेश, डीआइजी-पलामू

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By Anuj singh

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