मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा- मशीनें डेटा दे सकती हैं, दीक्षा नहीं; शिक्षा में शिक्षक की भूमिका सर्वोपरि
बेतला, लातेहार : महान शिक्षाविद्, दार्शनिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर वन विभाग सभागार में झारखंड प्रदेश कांग्रेस शिक्षा विभाग के तत्वावधान में समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता श्याम नारायण सिंह ने की. मुख्य अतिथि मनिका विधायक रामचंद्र सिंह और विशिष्ट अतिथि हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य व वरिष्ठ अधिवक्ता हृदयानंद मिश्र थे.
शिक्षक को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार
विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि आज इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में सूचनाओं और ज्ञान का सैलाब है, लेकिन मशीनें केवल डेटा दे सकती हैं, दीक्षा नहीं. ज्ञान को विवेक, संस्कार और मानवीय संवेदना में ढालने का काम आज भी शिक्षक ही कर सकता है. शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है.
विशिष्ट अतिथि हृदयानंद मिश्र ने कहा कि माता-पिता जीवन और संस्कार देते हैं, लेकिन जीवन को उद्देश्य, पहचान और दिशा देने का कार्य गुरु करता है. शिक्षा का लक्ष्य केवल नौकरी हासिल करना नहीं होना चाहिए. शिक्षा की वास्तविक सफलता न्याय, करुणा, कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व से युक्त नागरिकों के निर्माण में है.
पांच हस्तियों को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान
अध्यक्षता करते हुए श्याम नारायण सिंह ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान हमारी सांस्कृतिक और नैतिक परंपरा का सम्मान है. मौके पर बिट्टू पाठक ने अतिथियों का स्वागत किया.
समारोह में पांच विशिष्ट हस्तियों को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान से नवाजा गया. इनमें अधिवक्ता हृदयानंद मिश्र, विधायक रामचंद्र सिंह, रमा खलखो, श्याम नारायण सिंह और सुरेंद्र पाण्डेय शामिल हैं.
