चंद्रप्रकाश सिंह की रिपोर्ट
लातेहार. शहर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया. नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण का मनमोहक रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया. आकर्षक वेशभूषा और बाल स्वरूप की झांकी आकर्षण का केंद्र रही.शाखा संचालिका बीके अमरमणि बहन ने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि मानव जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला आध्यात्मिक संदेश है. उनके जीवन में सत्य, प्रेम, पवित्रता, धैर्य, कर्म और धर्म के गुण दिखाई देते हैं.
मनुष्य मानसिक अशांति और तनाव से जूझ रहा है
जन्माष्टमी इन दिव्य गुणों को जीवन में धारण करने की प्रेरणा देती है.उन्होंने कहा कि बाहरी सुख-सुविधाओं के बावजूद मनुष्य मानसिक अशांति और तनाव से जूझ रहा है. ऐसे में आध्यात्मिक ज्ञान व सकारात्मक चिंतन ही आंतरिक शांति दे सकता है.मौके पर बीके अनिता, किरण, रामशिला, बसंती, प्रीति, शिववाणी, चंद्रेश, निरंजन, नारायण प्रसाद, बद्री, बैजनाथ, कृष्णा, रमेश, मोहन, पंकज, राजू, ब्रजेश व अजय समेत कई लोग उपस्थित थे.
