चंदवा : चंदवा प्रखंड के चकला-बाना गांव में प्लांट लगा रही ओएसपीएल (रश्मि मेटेलिक) कंपनी को आवंटित चितरपुर कोल ब्लॉक (रिवाइज्ड कोल माइंस) के लिए भू-अर्जन की कार्रवाई को लेकर 31 अगस्त को चकला गांव में ग्राम सभा का आयोजन प्रस्तावित था. इसकी जानकारी मिलने पर विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया. हालांकि बाद में ग्राम सभा की तिथि रद्द कर दी गयी. इसके बावजूद सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण चकला गांव पहुंचे और प्रदर्शन किया.
हाथों में तख्तियां लेकर किया प्रदर्शन
चितरपुर, चकला, बरवाटोली, भुकुटोला समेत आसपास के दर्जनों प्रभावित गांवों के ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल हुए. ग्रामीणों ने हाथों में तख्तियां लेकर ‘जल, जंगल, जमीन हमारा है’, ‘कंपनी वापस जाओ’, ‘ग्राम सभा का उल्लंघन बंद करो’ और ‘किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे’ जैसे नारे लगाये.
ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन देने के पक्ष में नहीं हैं. जमीन उनके लिए सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि रोजी-रोटी, पहचान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का आधार है. उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही.
ग्राम सभा रद्द होने की सूचना नहीं मिलने पर जुटे ग्रामीण
पंचायत की मुखिया रंजीता एक्का ने बताया कि 31 अगस्त को प्रस्तावित ग्राम सभा रद्द कर दी गयी थी. इसकी सूचना ग्रामीणों को पहले ही दी जानी चाहिए थी. ग्राम सभा रद्द होने की जानकारी नहीं मिलने के कारण ग्रामीण सोमवार को चकला गांव में जुट गये.
