एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका सहित अन्य ठंडे प्रदेशों के विदेशी पक्षी पहुंचे बेतला, हाई एलर्ट जारी

एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका सहित अन्य ठंडे प्रदेशों के विदेशी पक्षी पहुंचे बेतला, हाई एलर्ट जारी

बेतला़ झारखंड का प्रसिद्ध बेतला नेशनल पार्क इन दिनों प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. कड़ाके की ठंड शुरू होते ही एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका जैसे ठंडे प्रदेशों से हजारों मील का सफर तय कर विदेशी पक्षियों का दल यहां पहुंच गया है. बेतला स्थित ऐतिहासिक कमलदह झील वर्तमान में इन विदेशी मेहमानों का मुख्य पड़ाव बना हुआ है, जिससे पूरे पार्क की आभा निखर उठी है. दो दर्जन से अधिक प्रजातियों की हुई पहचान : पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने बुधवार को इन प्रवासी पक्षियों की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि झील में दो दर्जन से अधिक दुर्लभ प्रजातियों का जमावड़ा लगा है. इनमें मुख्य रूप से नॉर्दर्न पिंटेल, जो अपनी लंबी गर्दन और सुंदरता के लिए मशहूर है, तथा बार-हेडेड गूज शामिल हैं. बार-हेडेड गूज अपनी असाधारण उड़ान क्षमता के लिए जाना जाता है, जो तिब्बत और मंगोलिया के ऊंचे बर्फीले पहाड़ों को पार कर यहां पहुंचता है. यह पक्षी मुख्य रूप से मध्य एशिया, मंगोलिया और तिब्बत के ठंडे इलाकों में प्रजनन करता है़ सर्दियों में भारत सहित दक्षिण एशिया के जलाशयों की ओर पलायन करता है. यह एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया के कई हिस्सों में पाया जाता है. इन अद्भुत विदेशी पक्षियों से बेतला का गौरव बढ़ गया है. इन प्रजातियों से गुलजार हुई झील : झील में इस बार गैडवाल बतख, नॉर्दर्न शोवेलर, रूडी शेलडक, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, कॉटन पिग्मी गूज और लेजर विसलिंग डक जैसे जलपक्षी देखे जा रहे हैं. इनके अलावा वर्डीचर फ्लाइसकेचर, रोजी स्टर्लिंग और ह्यूमंस वारब्लर जैसे छोटे रंग-बिरंगे पक्षी भी पेड़ों की टहनियों पर चहचहा रहे हैं. इन पक्षियों के कलरव से पूरा वातावरण जीवंत हो उठा है. सुरक्षा को लेकर अलर्ट, पर्यटकों में उत्साह : प्रवासी पक्षियों के आगमन को देखते हुए पीटीआर प्रबंधन ने सुरक्षा को लेकर विशेष ””””अलर्ट”””” जारी किया है. वन विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि इन पक्षियों के प्रवास में किसी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप या शिकार की घटना न हो. दूसरी ओर, बेतला पहुंचने वाले पर्यटक इस विहंगम दृश्य को अपने मोबाइल और कैमरों में कैद करने के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि इन अद्भुत पक्षियों की मौजूदगी से बेतला का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत हुआ है और पर्यटन को भी नयी ऊंचाई मिली है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >