लातेहार ़ जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा वनाधिकार दावों के निष्पादन में हो रही देरी के खिलाफ मंगलवार को बरवाडीह प्रखंड से निकली पदयात्रा जिला मुख्यालय पहुंची. जिला परिषद सदस्य कन्हाई सिंह की अगुवाई में सैकड़ों ग्रामीणों की यह पदयात्रा समाहरणालय पहुंचकर एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गयी. प्रदर्शन के बाद संयुक्त ग्राम सभा मंच, बरवाडीह द्वारा उपायुक्त को छह सूत्री मांग पत्र सौंपा गया. वनाधिकार दावों में शिथिलता पर नाराजगी : सभा को संबोधित करते हुए जिप सदस्य कन्हाई सिंह ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत ग्राम सभाओं द्वारा समर्पित दावों के निष्पादन में प्रशासन की शिथिलता चिंताजनक है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में सामुदायिक और व्यक्तिगत श्रेणी के कुल 7384 दावे समर्पित किए गए थे, जिनमें से 3599 दावे अब भी जिला प्रशासन के पास लंबित हैं. श्री सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 60 दिनों के भीतर इन लंबित दावों का निराकरण नहीं हुआ, तो हजारों की संख्या में ग्रामीण ””””घेरा डालो-डेरा डालो”””” कार्यक्रम के तहत चक्का जाम करेंगे. विस्थापन और फर्जी मुकदमों का विरोध : आंदोलनकारियों ने वन विभाग द्वारा दलदलिया के ग्राम प्रधान राजू उरांव व अन्य ग्रामीणों पर दर्ज ””””फर्जी”””” मुकदमों को वापस लेने की मांग की. आरोप लगाया गया कि पेसा और वनाधिकार कानून का उल्लंघन कर ग्रामीणों को पुश्तैनी जमीन से बेदखल किया जा रहा है. उत्तर कोयल जलाशय परियोजना और पलामू टाइगर प्रोजेक्ट के नाम पर सात गांवों के 780 परिवारों के विस्थापन तथा वन भूमि के अधिग्रहण पर भी कड़ा विरोध जताया गया. मौके पर श्यामली शर्मा, अशाेक सिंह, मुंद्रिका सिंह, रामजनम सिंह, मधेश्वरी सिंह, देवनाथ सिंह, संदीप सिंह, युगनारायण सिंह, गीता देवी, संगीता देवी समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
60 दिनों के अंदर निराकरण नहीं होने पर होगा चक्का जाम : कन्हाई सिंह
60 दिनों के अंदर निराकरण नहीं होने पर होगा चक्का जाम : कन्हाई सिंह
