भारत बंद के दौरान पांच घंटे जाम रहा शहर

एससी-एसटी आरक्षण के मुद्दे पर बुधवार को भीम सेना सहित विभिन्न आदिवासी संगठनों व महागठबंधन दलों के द्वारा आहूत भारत बंद का जिले में व्यापक असर रहा.

लातेहार. एससी-एसटी आरक्षण के मुद्दे पर बुधवार को भीम सेना सहित विभिन्न आदिवासी संगठनों व महागठबंधन दलों के द्वारा आहूत भारत बंद का जिले में व्यापक असर रहा. एनएच-75 व 99 पर वाहनों काे परिचालन को आंदोलनकारियों ने ठप करा दिया. सुबह से ही आंदोलन कारी जिला मुख्यालय की सड़कों पर उतर गये थे. सुबह में एक्का-दुक्का यात्री बसों का परिचालन हुआ, लेकिन सुबह 11 बजे के बाद जिला मुख्यालय में मुख्य सड़क जाम कर दिया गया, जिससे जगह-जगह वाहनों की लंबी कतार लग गयी थी. यात्री बसों में यात्रा करने वाले लोग परेशान रहे. यात्री बसों के नहीं चलने से बाहर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई. एसपी अंजनी अंजन पुलिस ने बंद समर्थकों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने. उपायुक्त गरिमा सिंह कार्यालय से आवास जाने के दौरान समाहरणालय मोड़ के पास कुछ देर तक जाम में फंस गयीं थी. उन्हें पुलिस कर्मियों की सहायता से पार कराया गया. शहर के सभी चौक चौराहों पर एहतियातन पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. जाम स्थल पर प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ नारा लगा रहे थे. भारत बंद के कारण कई निजी विद्यालय बंद रहे, लेकिन सरकारी विद्यालय खुले रहे. भारत बंद के कारण सरकारी कार्यालयों में कर्मियों की उपस्थिति कम रही. दोपहर तीन बजे प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने के बाद जाम समाप्त हुआ. बाद में सभी को रिहा कर दिया गया. इस अवसर पर जिप सदस्य विनोद उरांव, इंद्रदेव उरांव, हरिशंकर यादव, पंकज तिवारी, आफताब आलम, रंजीत यादव, संतोष यादव, आलोक कुमार मंटू, सेलेस्टीन कुजूर, बड़ा विकास, पॉल एक्का, राजेश उरांव, अमित यादव, आर्सेन तिर्की व रिंकू कच्छप समेत कई लोग उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >