सीपी सिंह की रिपोर्ट
लातेहार. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह की अदालत ने सत्रवाद संख्या 193/2025 की सुनवाई करते हुए सगे भाई की हत्या के मामले में दोषी जेम्स सारस को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.\
2 अप्रैल 2023 को हुई थी बसंत सारस की हत्या
मामला लातेहार जिले के महुआडांड थाना क्षेत्र के मेराम चंपा गांव का है. प्रभारी लोक अभियोजक शिव शंकर राम के अनुसार, गांव निवासी बसंत सारस की हत्या उसके ही सगे भाई जेम्स सारस ने 2 अप्रैल 2023 को कर दी थी. घटना के बाद मृतक की पत्नी मुनि कुमारी ने महुआडांड थाना में कांड संख्या 21/2023 दर्ज कराया था.
अदालत में कुल 12 गवाह पेश
मामले में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया. इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई. अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 12 गवाह पेश किये गये. सुनवाई के दौरान कई गवाहों ने घटना और हत्या के आरोप का समर्थन किया. गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने जेम्स सारस को अपने भाई की हत्या का दोषी पाया.
गुस्से में कुल्हाड़ी से हमला
अभियोजन के अनुसार, घटना वाले दिन बसंत सारस जंगल से बैल चराकर अपने घर लौटा था. घर आने के बाद वह खाना खा रहा था. इसी दौरान किसी बात को लेकर उसका अपने सगे भाई जेम्स सारस के साथ कहासुनी हो गयी. विवाद बढ़ने के बाद जेम्स गुस्से में आ गया और उसने कुल्हाड़ी से बसंत सारस पर हमला कर दिया. हमले में गंभीर रूप से घायल बसंत की मौत हो गयी./add
जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त सजा
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह ने अदालत में जेम्स सारस को हत्या का दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया गया है.
