कंपनी प्रबंधन व मेन पावर कर्मी-रैयत के बीच बनी सहमति, आंदोलन समाप्त

कंपनी प्रबंधन व मेन पावर कर्मी-रैयत के बीच बनी सहमति, आंदोलन समाप्त

चंदवा़ प्रखंड के चकला-बाना गांव में वर्षों से बंद पड़े अर्द्धनिर्मित अभिजीत पावर प्लांट को ओएएसपीएल कंपनी प्रबंधन ने अपने अधीन कर लिया है. अपनी मांगों को लेकर मेन पावर कर्मी व रैयत कंपनी प्रबंधन से नाखुश थे. इसे लेकर उनका प्रदर्शन पिछले कई दिनों से जारी था. अंतत: कंपनी व मेन पॉवर-रैयतों के बीच बातचीत के बाद यह विरोध समाप्त हो गया है. प्रबंधन की ओर से लिखित रूप से एनसीएलटी कोर्ट के सभी नियमों एवं प्रावधानों के साथ आदेशों का पालन करने एवं सभी मेन पावर कर्मियों की नौकरी बहाल करने की शर्तों को मान लिया गया है. लिखित समझौता हुआ : कंपनी प्रबंधन एवं मेन पावर कर्मियों के बीच लिखित समझौता हुआ. समझौते के बाद प्रबंधन की ओर से 123 कर्मियों को तत्काल काम पर रखने की बात कही गयी. शेष कर्मियों को अप्रैल व मई माह में नियुक्त करने का आश्वासन दिया गया. प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित 218 व्यक्तियों को योग्यता एवं आवश्यकता के अनुसार जॉब प्रदान करने की कोशिश की जायेगी. प्रबंधन की ओर से किये गये लिखित समझौते में कर्मियों से धैर्य रखने व कंपनी के साथ सहयोगात्मक रवैया रखने की अपील भी की गयी है. ज्ञात हो कि छह सूत्री मांग को लेकर चकला ग्राम प्रधान फूलदेव गंझू, नगर ग्राम प्रधान भुनेश्वर गंझू, युवा नेता संजीव कुमार, मेन पावर संघ के चंद्रदेव उरांव समेत अन्य कर्मी व रैयत नौ मार्च से आंदोलनरत थे. बताते चले कि उक्त प्लांट को रश्मि मेटेलिक ग्रुप की कंपनी ओएएसपीएल ने अपने आधिपत्य में ले लिया है. यहां 270 यूनिट के दो पावर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य प्रबंधन ने निर्धारित किया है.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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