बारिश के बाद लोध फॉल समेत लातेहार के पर्यटन स्थलों की बढ़ी रौनक, पर्यटकों को लुभा रहा प्राकृतिक सौंदर्य

लातेहार में मानसून की फुहारों ने पर्यटन स्थलों को जीवंत कर दिया है. झारखंड के सबसे ऊंचे लोध फॉल का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है. मिरचईया फॉल और सुग्गा बांध भी प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बन गए हैं.

चंद्र प्रकाश सिंह

Latehar News: जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है. मानसून की फुहारों ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं. झारखंड के सबसे ऊंचे जलप्रपात लोध फॉल (बूढ़ा घाघ) समेत मिरचईया फॉल और सुग्गा बांध का नजारा इन दिनों बेहद आकर्षक हो गया है. हरियाली और तेज जलधारा पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. महुआडांड़ प्रखंड मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित लोध फॉल में लगातार बारिश के कारण जलस्तर काफी बढ़ गया है. घने जंगलों के बीच 143 मीटर (करीब 468 फीट) की ऊंचाई से गिरती पानी की धार इस जलप्रपात को और भी मनोहारी बना रही है. छत्तीसगढ़ की बूढ़ा नदी का पानी यहां गिरता है, जिससे इसकी प्राकृतिक सुंदरता और बढ़ जाती है.

झारखंड का सबसे ऊंचा जलप्रपात है लोध फॉल

पलामू टाइगर रिजर्व के घने जंगलों के बीच स्थित लोध फॉल झारखंड का सबसे ऊंचा जलप्रपात माना जाता है. यह नेतरहाट से लगभग 61 किलोमीटर और महुआडांड़ से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इको विकास समिति की ओर से यहां प्रवेश शुल्क के रूप में 20 रुपये लिया जाता है. सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक पर्यटकों के लिए यह स्थल खुला रहता है. स्थानीय लोगों के अनुसार जलप्रपात की गर्जना करीब 10 किलोमीटर दूर तक सुनाई देती है. वहीं, इसके नीचे बने कुंड की गहराई का अब तक सटीक आकलन नहीं हो सका है, जो इसे और भी रहस्यमयी बनाता है.

मिरचईया फॉल और सुग्गा बांध भी बने आकर्षण

बारिश के बाद गारू प्रखंड स्थित मिरचईया फॉल और सुग्गा बांध का नजारा भी बेहद मनमोहक हो गया है. हरियाली से आच्छादित इन पर्यटन स्थलों पर भी प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है.

कई मार्गों से पहुंच सकते हैं लोध फॉल

लोध फॉल तक पहुंचने के लिए कई मार्ग उपलब्ध हैं. लातेहार से इसकी दूरी करीब 158 किलोमीटर है, जबकि नेतरहाट से लगभग 48 किलोमीटर और मेदिनीनगर से करीब 150 किलोमीटर है. लातेहार से महुआडांड़ होते हुए, नेतरहाट से महुआडांड़ मार्ग और मेदिनीनगर से बेतला होते हुए महुआडांड़ के रास्ते पर्यटक आसानी से लोध फॉल पहुंच सकते हैं.

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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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