मनरेगा में बड़ा खेल, शिक्षिका और पंचायत प्रमुख के नाम पर भी निकाला पैसा

मनरेगा में बड़ा खेल, शिक्षिका और पंचायत प्रमुख के नाम पर भी निकाला पैसा

महुआडांड़़ प्रखंड के चैनपुर पंचायत में मनरेगा योजना के तहत गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मजदूरी भुगतान के नाम पर फर्जी मस्टर रोल बनाकर सरकारी राशि की बंदरबांट की जा रही है. इस खेल में ऐसे लोगों के नाम शामिल किये गये हैं, जो या तो सरकारी सेवा में हैं या वर्षों से गांव में नहीं रह रहे हैं. शिक्षिका और प्रमुख को बना दिया मजदूर : ग्रामीणों के अनुसार, नीतू नीलम कुजूर जो सरकारी शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं और गुमला में ब्याही हुई हैं, उनके नाम पर भी मनरेगा मजदूरी का भुगतान निकाला गया है. हैरत की बात यह है कि पंचायत की प्रमुख कंचन कुजूर का नाम भी मजदूर सूची में डाल दिया गया है. ग्रामीणों का सवाल है कि जब ये लोग शारीरिक श्रम के कार्यों में शामिल ही नहीं हुए, तो इनके नाम पर हाजिरी और भुगतान कैसे संभव हुआ? इसके अलावा पास्कल एक्का नामक व्यक्ति, जो तीन वर्षों से गांव में नहीं है, उसे भी मजदूर दिखाकर राशि निकाली गयी है. एसडीओ ने दिये जांच के निर्देश : मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड प्रमुख कंचन कुजूर ने कहा कि यदि इस तरह की गड़बड़ी हुई है, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं, एसडीओ बिपिन कुमार दुबे ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है. जांच के दौरान यदि अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. फिलहाल, इस खुलासे के बाद पंचायत से लेकर प्रखंड कार्यालय तक हड़कंप मचा हुआ है.

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Published by: Shailesh ambashtha

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