आदिवासी लोक चित्रकला को संरक्षित करेगी सरकार

महुआडांड़ : नेतरहाट में आयोजित पांच दिवसीय प्रथम राष्ट्रीय आदिवासी एवं लोक चित्रकला शिविर का समापन शनिवार को हुआ. मौके पर झारखंड अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा परिवहन विभाग मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक आयोजन था. सरकार आदिवासी लोक चित्रकला को संरक्षित करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार की सोच […]

महुआडांड़ : नेतरहाट में आयोजित पांच दिवसीय प्रथम राष्ट्रीय आदिवासी एवं लोक चित्रकला शिविर का समापन शनिवार को हुआ. मौके पर झारखंड अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा परिवहन विभाग मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक आयोजन था. सरकार आदिवासी लोक चित्रकला को संरक्षित करेगी.

उन्होंने कहा कि सरकार की सोच है कि देश की आदिवासी परंपरा को एक सूत्र एवं आत्मीयता से जोड़ा जाये. इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहाड़ों की नगरी नेतरहाट में आदिवासी लोक चित्रकारी का प्रथम राष्ट्रीय शिविर का आयोजन किया. श्री सोरेन ने कहा कि इस शिविर में देश के तेलंगाना से महाराष्ट्र तक के आदिवासी लोक चित्रकार जुटे एवं एक दूसरे की संस्कृति को जाना.
सरकार प्रत्येक वर्ष ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर आदिवासी लोक चित्रकारी को जोड़कर संरक्षित करने का कार्य करेगी. लोक चित्रकारों ने अपने चित्र के माध्यम से आदिवासी जीवन शैली को प्रस्तुत किया. वह आने वाले समय में आदिवासी परंपरा को नया आयाम देने का कार्य करेंगे. उपायुक्त जिशान कमर ने भी इस शिविर में भाग लेने के लिए सभी चित्रकारों को धन्यवाद दिया. मनिका विधायक रामंचद्र सिंह ने इस यह एक सफल आयोजन रहा है.
मौके पर सचिव हिमानी पांडेय, आयुक्त विनोद कुमार, आइटीडीए निदेशक बिंदेश्वरी ततमा व जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कंडुलना आदि उपस्थित थे. मौके पर मंत्री श्री सोरेन ने लोक चित्र कलाकारों की चित्रकारी का अवलोकन किया. इससे पहले पारंपरिक आदिवासी लोकनृत्य व गीत से स्वागत किया गया.

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