कोल ब्लाक आवंटन की समीक्षा में डीसी ने कहा
लातेहार : उपायुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता ने अपने कार्यालय कक्ष में बुधवार को बैठक कर कोल ब्लाॅक आवंटन की समीक्षा की. कोल प्रोजेक्ट के अधिकारियों से क्षेत्र में होने वाले समस्याओं की जानकारी ली तथा इसके समाधान को लेकर अधिकारियों को समवन्य बना कर कार्य करने का निर्देश दिया.
उपायुक्त ने कंपनियों के अधिकारियों से कहा कि आप सभी को अगर किसी प्रकार की समस्या आती हो तो सीधे मुझसे संपर्क करें. उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को चेताया कि अगर कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही हुई तो बख्शा नहीं जायेगा. बैठक में सिर्फ कागजी प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए नहीं आयें बल्कि अद्यतन जानकारी व दस्तावेज ले कर उपस्थित हों.
बैठक में बनहरदी,गणेशपुर, रजवार, मगध कोल प्रोजेक्ट पर चर्चा की गयी. इस दौरान बनहरदी कोल माइंस के अधिकारियों ने बताया कि 14 सौ एकड़ जमीन आवंटन किया गया है. लेकिन जमीन हस्तांरण में समस्या सामने आ रही है. इस पर उपायुक्त ने कंपनी, वन विभाग व प्रशासनिक पदाधिकारी को समन्वय बना कर 20 दिनों के अंदर कार्य का निष्पादन करने का निर्देश दिया. इस दौरान वन भूमि व रैयती जमीन पर भी चर्चा की गयी. उपयुक्त ने निर्देश दिया कि नियम के तहत रसीद काटी गयी है तो वैसे लोगों को चिह्नित कर मुआवाजा दिया जाये. जबकि नियम के तहत रशीद नहीं कटाने वाले की भूमि बंदोबस्ती रद्द करें.
मौके पर वन प्रमंडल पदाधिकारी डाॅ विजय शंकर दुबे, डीडीसी अनिल कुमार सिंह, अपर समाहर्ता नेलशम एयोन बागे, सीओ ललन कुमार आदि उपस्थित थे. एमएसडीपी की बैठक में डीसी ने सरकारी योजनाओं का संचालन पूरी ईमानदारी से करने की नसीहत संबंधित विभागों एवं संवेदकों को दी. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा वरना कार्रवाई होगी़ इस दौरान एमएसडीपी के अंतर्गत महुआडांड़ में सदभावना भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी. चार वैसे आंगनबाड़ी केंद्रों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया कि जिनका अपना भवन नहीं है.
नेतरहाट व महुआडांड़ में दो -दो आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण करने का निर्देश दिया गया. संत जेवियर महाविद्याल में एक सौ शैय्या वाले छात्रावास निर्माण कराने की मंजूरी दी गयी. महुआडांड़ के रामपुर में सीएलएफएस भवन निर्माण का निर्णय लिया गया. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 120 आवास निर्माण को लेकर चर्चा की गयी. उपायुक्त ने वैसे लोगों को आवास की स्वीकृति प्रदान करने का निर्देश दिया जिनका नाम पूर्व में आवास चयन की सूची में नहीं हो. महुआडांड़ के सोहरपाट उच्च विद्यालय में प्रयोगशाला भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी.
वहीं एक अन्य बैठक में डीसी ने आरा मिल के नवीकरण को लेकर बैठक की. इसमें उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अति आवश्यक है. आरा मिल को लगाने या नवीकारण करने से पूर्व जमीन का निरीक्षण व उससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान का अनुमान जरूरी है. इसके बाद ही किसी को मिल बैठाने की अनुमति या लाइसेंस निर्गत की जाये.
इस दौरान बरवाडीह के महेंद्र सिंह तथा छिपादोहर के राजनाथ गिरी ने आरा मशीन के नवीकरण को लेकर आवेदन दिये. उपायुक्त ने अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद दोनों आवेदनों को अगले आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया. उन्होंने सभी कागजी प्रक्रिया पूर्ण करने बाद लाइसेंस देने का निर्देश दिया.
