कोडरमा: जिला परिषद के पुराने दुकानदारों को नए कॉम्प्लेक्स में दुकान आवंटन का मामला एक बार फिर विवादों में घिर गया है. राजगढ़िया रोड निवासी आनंदी प्रसाद गुप्ता ने जिला परिषद की ओर से आयोजित बैठक में उनके दस्तावेज और डीडी जमा नहीं लेने तथा दुकान आवंटन से वंचित करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया है. मामले को लेकर उन्होंने बुधवार को डीसी को आवेदन देकर पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है.
गुप्ता के अनुसार वह पिछले करीब 40 वर्षों से झुमरी तिलैया में जिला परिषद के पूर्व निर्मित दुकान में व्यवसाय करते रहे हैं. पुराने भवन के स्थान पर नया कॉम्प्लेक्स निर्माण का निर्णय लिए जाने के बाद उन्होंने अन्य 14 पूर्व किरायेदारों के साथ झारखंड हाईकोर्ट में डब्ल्यूपी सी 3290/23 दायर किया था.
हाईकोर्ट के आदेश के तहत निर्धारित निर्देशों का पालन करने और बकाया राशि का भुगतान करने के बाद दुकान आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई थी. आवेदन में गुप्ता ने बताया है कि उन्होंने अपना पुराना दुकान खाली कर दिया और जिला परिषद की ओर से निर्धारित बकाया राशि का भुगतान भी कर दिया. उनके अनुसार 4 जनवरी 2025 को पूरी बकाया राशि जमा कर दी गई थी.
उनका कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश और जिला परिषद प्रशासन की ओर से दिए गए सभी निर्देशों का उन्होंने पालन किया है.बावजूद उन्हें दुकान आवंटन से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है. उनका दावा है कि जो लोग हाईकोर्ट नहीं गए थे और जिन्होंने काफी विलंब से बकाया राशि का भुगतान किया, उन्हें दुकान आवंटन में प्राथमिकता दी जा रही है. उन्होंने इसे अपने साथ अन्याय बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
