मोटर दुर्घटना मुआवजा से संबंधित जिला स्तरीय कार्यशाला

मानवता की सेवा ही पुलिस का सबसे पहला धर्म

मानवता की सेवा ही पुलिस का सबसे पहला धर्म कोडरमा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय कोडरमा सभागार में मोटर दुर्घटना मुआवजा से संबंधित जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार रमाकांत मिश्रा सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से कार्यशाला का उद्घाटन किया. कार्यक्रम के पूर्व सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया. प्रधान जिला जज रमाकांत मिश्रा ने कहा कि मानवता की सेवा ही पुलिस का सबसे पहला धर्म है, जिसका पालन पुलिस पदाधिकारियों को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी पूर्वक करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मोटर दुर्घटना मुआवजा अधिनियम से संबंधित अद्यतन जानकारी प्राप्त कर पीड़ितों को लाभ दिलाने की दिशा में सतत प्रयत्नशील रहें, प्राधिकार उन्हें हर संभव सहायता देने के लिए कृत संकल्पित है. कार्यशाला को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार वैश, जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष जगदीश सलूजा, पूर्व सचिव मनीष कुमार सिंह ने भी संबोधित किया. कार्यशाला में रांची न्यायमंडल के अधिवक्ता अरविंद कुमार लाल ने मोटर दुर्घटना मुआवजा अधिनियम से संबंधित कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला. कार्यशाला के दौरान कई न्यायिक पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने मुख्य वक्ता से कई सवाल भी किये. रिसोर्स पर्सन अरविंद कुमार लाल को प्रधान जिला जज ने शॉल एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया. संचालन न्यायालयकर्मी रणजीत कुमार सिंह ने किया. मौके पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार वैश, प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी कंचन टोप्पो, न्यायाधीश प्रभारी ज्योत्सना पांडेय, न्यायालयकर्मी प्रियंका कुमारी, संतोष कुमार सिंह, विभिन्न थानों के थाना प्रभारी व अन्य पुलिस पदाधिकारी, मध्यस्थगण, पैनल अधिवक्ता, पारा लीगल वोलेनटियर एवं अन्य कई अधिवक्ता मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार ने किया.

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By DEEPESH KUMAR

DEEPESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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