झुमरीतिलैया: विद्या भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्याली राम ने रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि वर्ष 2027 में संगठन अपने स्थापना के 75वें अमृत वर्ष महोत्सव को देशव्यापी स्तर पर भव्य रूप से मनायेगा.
इस अवसर पर देशभर के लगभग 25 हजार विद्यालयों में अध्ययनरत 36 लाख छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों की सहभागिता से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. झारखंड प्रांत के 213 विद्यालयों के करीब 96 हजार विद्यार्थी भी इस महोत्सव का हिस्सा बनेंगे.
उन्होंने बताया कि अमृत महोत्सव के तहत प्रत्येक विद्यालय में 75 महिलाओं का सम्मान, सांस्कृतिक ज्ञान परीक्षा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे.
नयी दिल्ली में देशभर के 75 हजार घोष वादकों के सामूहिक घोष प्रदर्शन की भी योजना है, जिसके लिए अभी से तैयारी शुरू करने का आह्वान किया गया है. समाज के सहयोग, समर्पण निधि और पूर्व छात्रों की सहभागिता से वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम संचालित होंगे. ख्याली राम ने बताया कि सिक्किम में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए झारखंड और बिहार के विद्या भारती विद्यालयों का सहयोग लिया जायेगा. साथ ही पूर्व छात्र-छात्राओं के पंजीकरण अभियान की शुरुआत की गयी है, जो 14 अगस्त तक चलेगा.
25 सितंबर से दो अक्टूबर तक स्वदेशी सप्ताह मनाया जायेगा. कौशल विकास कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को सात प्रकार के कौशल प्रशिक्षण दिये जायेंगे, जिनके सफल समापन पर सरकारी मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र प्रदान किये जायेंगे.
परीक्षा प्रणाली पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक और नकल की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से विद्या भारती बिना पर्यवेक्षक (निरीक्षक) के परीक्षा आयोजित करने की योजना पर कार्य कर रही है. इसकी शुरुआत आगरा के कमला नगर स्थित विद्यालय से की गयी है. क्षेत्रीय मंत्री राम अवतार
नारसरिया ने कहा कि चरित्र निर्माण विद्या भारती का मूल संकल्प है. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के दुष्प्रभाव से बचाने का प्रयास करने की अपील की.
प्रांत सचिव नकुल शर्मा ने बताया कि झुमरीतिलैया में आयोजित दो दिवसीय प्रधानाचार्य सम्मेलन में शिक्षा की गुणवत्ता, संस्कार आधारित शिक्षण और संगठन की भावी योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
प्रेस वार्ता में प्रबंध समिति कैलाश राय के अध्यक्ष नारायण सिंह, उपाध्यक्ष अशोक राय, अरविंद चौधरी, सचिव अनुराग सिंह, विजय यादव, कुंज बिहारी त्रिवेदी, मुंशी यादव, पंकज सिंह, मिनी हिसारिया, डॉ मीनाक्षी, प्राचार्य आनंद मोहन, आचार्य मनोज सिंह आदि मौजूद थे.
