कोडरमा. जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रमण कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को एड्स से संबंधित सभी एनजीओ, एआरटी सेंटर कोडरमा और आइसीटीसी कर्मियों की मासिक समन्वय बैठक हुई. बैठक में एचआइवी संक्रमित मरीजों के इलाज, जांच और जागरूकता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये.
दवा छोड़ चुके मरीजों को दोबारा उपचार से जोड़ने का निर्देश
डॉ रमण कुमार ने सीएससी एनजीओ को निर्देश दिया कि दवा लेना छोड़ चुके एचआइवी संक्रमित मरीजों को दोबारा उपचार से जोड़ा जाये और यह सुनिश्चित किया जाये कि उनकी दवा नियमित रूप से चलती रहे. एआरटी सेंटर आने में असमर्थ मरीजों के घर जाकर दवा उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया.
शिविर लगाकर एचआइवी जांच कराने पर जोर
उन्होंने एसएसके एनजीओ को लक्ष्य के अनुरूप शिविर लगाकर एचआइवी जांच कराने तथा टीआइ एनजीओ को संभावित लक्षित व्यक्तियों की जांच सुनिश्चित करने को कहा. सभी एनजीओ कर्मचारियों को प्रतिमाह की पहली तारीख को एडवांस टूर प्रोग्राम और एक्शन टेकन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
जिले में 1347 संक्रमित मरीजों का चल रहा इलाज
एआरटी सेंटर के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रविकांत ने बताया कि वर्तमान में जिले में कुल 1347 एचआइवी संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है. इनमें कुछ महिला मरीज गर्भवती भी हैं, जिनकी उचित देखभाल एआरटी सेंटर कोडरमा और आइसीटीसी के माध्यम से की जा रही है.
सामाजिक सुरक्षा पेंशन की रिपोर्ट भी मांगी
बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा गया. मौके पर डॉ रविकांत, डाटा मैनेजर संजय कुमार, लैब टेक्नीशियन चंदन किशोर, अयाज अहमद, आइसीटीसी काउंसलर अंजला बिलुंग, एसएसके मैनेजर पंकज कुमार, सीएससी की रिया कुमारी व शकुंतला कुमारी तथा टीआइ के दीपक और विजय मौजूद थे.
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