कोडरमा : जे.जे. कॉलेज, झुमरी तिलैया को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से हटाकर सर जे.सी. बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह में शामिल करने की अधिसूचना जारी होने के बाद जे.जे. कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति ने सरकार के फैसले पर कड़ा विरोध जताया है. समिति के राम रतन अवध्या ने कहा कि जनता के लंबे संघर्ष और सरकार के आश्वासन के बावजूद दोबारा अधिसूचना जारी करना कोडरमा की जनता के साथ विश्वासघात है.
आंदोलन के बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर छात्रों में नाराजगी
उन्होंने कहा कि करीब चार माह तक चले आंदोलन और कॉलेज की तालाबंदी के बाद सरकार के प्रतिनिधियों ने मांगों पर सकारात्मक विचार का भरोसा दिया था. इसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया. राज्य सरकार, केंद्र सरकार और राज्यपाल के समक्ष भी कई बार मांग रखी गई थी. इसके बावजूद कॉलेज को गिरिडीह विश्वविद्यालय में शामिल करने का निर्णय लिया गया.
गांव-पंचायत तक आंदोलन तेज करने का ऐलान
समिति का कहना है कि विश्वविद्यालय बदलने से विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण, गरीब और छात्राओं पर अतिरिक्त दूरी, आवागमन, सुरक्षा और आर्थिक बोझ पड़ेगा. जे.जे. कॉलेज कोडरमा की शैक्षणिक विरासत का हिस्सा है. राम रतन अवध्या ने कहा कि अब आंदोलन को गांव-पंचायत और विद्यार्थी-अभिभावक स्तर तक ले जाया जाएगा. समिति ने सभी सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है.
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