कोडरमा बाजार: तिलैया थाना क्षेत्र के इंदरवा बस्ती से झरनाकुंड जाने वाले रास्ते के किनारे बैंक लूट की योजना बना रहे अपराधियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ के बाद बैंक लूट की बड़ी साजिश नाकाम हो गई़ अपराधियों की साजिश पर पुलिस ने ऐसा पानी फेरा की उन्हें जेल के सलाखों तक पहुंचना पड़ गया. पूरे मामले में हैरानीजनक बात यह सामने आई है कि पुलिस ने जिस बैंक लूटेरा गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा है उसका मास्टर माइंड निरंतर सिंह नामक व्यक्ति बताया जाता है.
एसपी कुमार शिवाशिष के अनुसार अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि कई बैंक की लूट की घटनाओं में शामिल रहा निरंतर सिंह वर्तमान में पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान जेल में बंद है़ वह जेल के अंदर से ही गिरोह के सदस्यों को सिग्नल एप से गाइड कर रहा था़ यही नहीं अपराधियों को घटना का अंजाम देकर कैसे भागना है.
हथियार का कैसे इस्तेमाल करना है इन सभी चीजों की जानकारी निरंतर के द्वारा सिग्नल एप से दी जा रही थी़ एसपी के अनुसार जल्द ही वर्द्धमान पुलिस से समन्वय स्थापित कर निरंतर को भी रिमांड पर लिया जाएगा़ एसपी के अनुसार निरंतर के कहने पर प्रिंस पांडेय व अन्य कोडरमा पहुंचे थे और सभी ने कोडरमा बाजार स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रेकी की़ इसका वीडियो भी इनके मोबाइल में मिला है. इनकी योजना दो दिनों के अंदर बैंक को लूटने की थी.
एसपी के अनुसार पकड़े गए अपराधियों में से प्रिंस पांडेय और सन्नी कुमार का आपराधिक रिकार्ड है़ प्रिंस पर एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के कई मामले बिहार में दर्ज हैं. प्रिंस व सन्नी बिहार के छपरा में वर्ष 2023 में इंडियन बैंक लूटकांड में शामिल रहे हैं. अन्य आरोपियों का आपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है़
अपराधियों ने की पांच राउंड फायरिंगएसपी के अनुसार देर रात पूरी कार्रवाई पांच से छह मिनट तक चली़ इस दौरान पहले अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग की़ बचाव में पुलिस को फायरिंग करना पड़ा़ अपराधियों ने कुल पांच राउंड फायरिंग की, जबकि पुलिस की ओर से पांच-छह राउंड फायरिंग की गई़ कुछ खोका बरामद हुआ है.
हालांकि, एफएसएल रांची की टीम को बुलाया गया है, ताकि मौके से अधिक से अधिक साक्ष्य जुटाया जा सके़ एसपी ने बताया कि इस मामले में तिलैया थाना कांड संख्या 238/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है़ छापामारी दल में तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार, कोडरमा थाना प्रभारी अरविंद कुमार, तिलैया थाना के एसआई महादेव पांडेय, पवन कुमार राम, पैंथर आरक्षी व अन्य शामिल थे.
दो अगस्त को ही कोडरमा आ गए थे गिरोह के सदस्य
एसपी के अनुसार दो अपराधी गत दो अगस्त को ही कोडरमा आ गए थे़ ये यहां बैंक की पूरी रेकी कर रहे थे़ वहीं तीन दिन पहले दो और अपराधी कोडरमा पहुंचे थे, जबकि अन्य बाद में आए़ ये सभी तिलैया के इंदरवा में किराये के मकान में रह रहे थे़ मकान मालिक की भूमिका को लेकर जांच की जा रही है़ वैसे अब तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है़ एसपी ने कहा कि जिले के लोगों से अपील है कि वे अगर किसी को किराये पर अपना घर दे रहे हैं तो पुलिस से उसका एड्रेस वेरीफेकशन जरूर करवाएं.
पुलिस दो दिनों के अंदर इसे वेरीफाई करके देगी़ एसपी ने यह भी कहा कि कोडरमा पुलिस बैंकों की सुरक्षा के लिए संकल्पित है़ पुलिस नियमित रूप से बैंकों को सुरक्षा प्रदान कर रही है़ उन्होंने कहा कि बैंक के कर्मियों को भी सतर्क रहने की जरूरत है़ यदि कोई व्यक्ति बेवजह बैंक में इधर उधर घूमता है तो अविलंब इसकी सूचना पुलिस को दें. जिले के सभी बैंकों से अपील है कि हमेशा सतर्क रहें और पुलिस के साथ समन्वय बनाएं रखें ,संदिग्ध परिस्थितियों में अविलंब पुलिस को सूचित करें.
देर रात सदर अस्पताल पहुंचे एसपी
बताया जाता है कि अपराधियों से मुठभेड़ के दौरान तिलैया थाना प्रभारी विनय कुमार व कुछ अन्य को चोट लगने की जानकारी मिलने पर रात करीब दो बजे एसपी सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने सबसे पहले घायल थाना प्रभारी का हाल जाना. इसके बाद घायल अपराधी से संबंधित जानकारी ली और पुलिस अधिकारियों से पूरे ऑपरेशन की जानकारी प्राप्त की. मौके पर एसडीपीओ प्रमोद केसरी भी मौजूद थे.
गोल्ड लोन के कारण बैंक को बनाने वाले थे निशाना
गिरोह के मुख्य सरगना निरंतर सिंह द्वारा गूगल मैप के माध्यम से बैंक और आसपास के इलाके की जानकारी जुटाने की बात भी पूछताछ में सामने आयी है पूछताछ में यह बात भी सामने आयी है कि गिरोह ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए निशाना बनाया था, क्योंकि वहां गोल्ड लोन की सुविधा उपलब्ध है. अपराधियों को आशंका थी कि बैंक में बड़ी मात्रा में सोना रखा हो सकता है.
प्रिंस ने पुलिस को बताया कि वह पहली बार बैंक लूट के इरादे से कोडरमा आया था.उसके पिता सवालिया पांडेय किसान हैं. प्रिंस ने फार्मेसी में डिप्लोमा किया है. निरंतर के संपर्क में आने के बाद वह कथित तौर पर अपराध की दुनिया में आया. सन्नी, अतुल और अमन से भी उसकी मुलाकात निरंतर सिंह के माध्यम से होने की बात उसने बतायी है.
बरही में अप्रैल में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई थी लूट
बता दें कि हजारीबाग जिले के बरही चौक के पास गत अप्रैल माह में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बड़ी लूट की घटना हुई थी. अपराधियों ने कई किलो सोना और नकदी लूटा था़ हालांकि, कुछ दिन बाद अपराधी पकड़े गए थे़ इस बार अपराधियों का टारगेट बरही से कुछ किलोमीटर दूर कोडरमा बाजार स्थित इसी बैंक की शाखा को लूटने की थी. ऐसे में पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का तार बरही लूटकांड की घटना से जुड़ा हो सकता है़ हालांकि, इसको लेकर एसपी ने कुछ स्पष्ट नहीं बताया, पर पुलिस इस बिंदु को भी जांच में शामिल कर रही है.
