प्रतिनिधि, झुमरीतिलैया : जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण करने से पूर्व तीन दीक्षार्थी ब्रह्मचारियों के लिए गुरुवार को बिनौली व गोद भराई समारोह का आयोजन किया गया. जैन समाज विरागोदय वर्षायोग कमेटी तिलैया के सानिध्य में आयोजित समारोह में मध्य प्रदेश और राजस्थान से आये दीक्षार्थियों का नवनिर्मित मंदिर परिसर में समाज के पदाधिकारियों ने मुकुट-माला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया.
इसके बाद समाज के लोग गाजे-बाजे के साथ तीनों दीक्षार्थियों को नगर भ्रमण कराते हुए जैन मंदिर पहुंचे. यहां तीनों दीक्षार्थियों ने अध्यात्म योगी जैन संत परम तपस्वी मुनि श्री 108 सुयश सागर जी मुनिराज और मुनि श्री 108 कौशल्य सागर जी मुनिराज का चरण वंदन कर आशीर्वाद लिया और श्रीफल अर्पित किया.
ज्ञान और संयम को बताया जीवन का सार
मुनि श्री ने कहा कि मनुष्य जीवन का सार ज्ञान का सेवन करते हुए संयम धारण करना है. योग मिलने के बाद भी उसका उपयोग नहीं किया जाये, तो जीवन व्यर्थ है. जैन धर्म में दीक्षा लेने से बड़ा कोई संस्कार और पद नहीं है. उन्होंने कहा कि दीक्षार्थियों ने जिस पथ को चुना है, वही मोक्ष का मार्ग है. जैन दर्शन में जैनेश्वरी दीक्षा प्राप्त करके ही आत्म कल्याण किया जा सकता है और जैन धर्म में भक्त से भगवान बनने का मार्ग मिलता है.
कार्यक्रम का संचालन संयोजक आकाश और पंडित अभिषेक जैन शास्त्री ने किया. मंगलाचरण विधि जैन ठोल्या ने कराया. सिलचर से आये महाबीर प्रसाद जैन, सरिया के संतोष जैन सेठी और हजारीबाग के ललित जैन अजमेरा समेत पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित किया. इसके बाद गुरुमुख से णमोकार चालीसा का पाठ किया गया.
करियर छोड़ चुना धर्म का मार्ग
दीक्षा लेने वाले बाल ब्रह्मचारी अतिशय, बाल ब्रह्मचारी विशाल और बाल ब्रह्मचारी रोहित ने सांसारिक जीवन और करियर की राह छोड़कर धर्म मार्ग अपनाया है. इनमें किसी ने सीए, आइआइटी और एमकॉम की पढ़ाई की है, तो किसी ने ज्वेलर्स की दुकान छोड़कर संयम का मार्ग चुना है. तीनों को जयपुर में जैन संत आचार्य श्री 108 गुरुदेव आदित्यसागर जी मुनिराज मुनि दीक्षा प्रदान करेंगे.
मौके पर समाज के सह मंत्री राज छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, सरोज जैन पापड़ीवाल, पूर्व मंत्री ललित जैन सेठी, सुरेश जैन झांझरी, सुशील जैन छाबड़ा, चातुर्मास संयोजक रौनक जैन कासलीवाल, सिद्धार्थ जैन सेठी, राहुल जैन छाबड़ा, संजय जैन छाबड़ा, शालू जैन छाबड़ा, लोकेश जैन पाटोदी और सौरभ जैन लुहाड़िया समेत अन्य मौजूद थे.
