सतगावां. बैंक ऋण की किस्तों और एनपीए खातों की समस्या से जूझ रहे खाताधारकों के लिए राहत का मौका है. बैंक ऑफ इंडिया की बासोडीह और सतगावां शाखा की ओर से 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में ऋण मामलों के निपटारे की पहल की जायेगी. इसके तहत पात्र ऋणधारकों को एकमुश्त निपटान योजना के माध्यम से पुराने और फंसे हुए ऋण खातों का समझौता करने का अवसर मिलेगा.
अग्रणी जिला प्रबंधक विमल कांत झा ने मंगलवार को बासोडीह और सतगावां शाखा के केसीसी सहित अन्य एनपीए ऋण खाताधारकों को योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जिन ग्राहकों के ऋण खाते एनपीए की श्रेणी में चले गये हैं, वे नियमानुसार समझौते के माध्यम से अपने ऋण खाते का निपटारा करा सकते हैं. बैंक की स्वीकृत शर्तों के अनुसार ब्याज और मूलधन में रियायत का प्रावधान हो सकता है.
एलडीएम ने बताया कि पुराने केसीसी ऋण का निपटारा करने के बाद पात्र ग्राहक नए केसीसी ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं. एकमुश्त भुगतान के माध्यम से ऋण खाता बंद कराने के साथ संबंधित कानूनी और न्यायालयी मामलों के निपटारे का भी अवसर मिलेगा. योजना के तहत पात्र ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं और ऋण सुविधा से दोबारा जुडने का अवसर मिल सकता है.
बैंक ऑफ इंडिया बासोडीह के शाखा प्रबंधक अविनाश आनंद और सतगावां शाखा के शाखा प्रबंधक राजीव रंजन ने संबंधित ऋण खाताधारकों से 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचकर योजना की जानकारी लेने और पात्र होने पर इसका लाभ उठाने की अपील की है.
