कोडरमा से विकास की रिपोर्ट
कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया में जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए सोमवार को झुमरीतिलैया नगर परिषद के अध्यक्ष रमेश हर्षधर खुद सड़क पर उतर आये. झंडा चौक पर वे हाथ में डंडा लिए दंडाधिकारी की भूमिका में नजर आये और यातायात व्यवस्था को सुचारू कराने का प्रयास किया. अध्यक्ष के इस अंदाज को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ भी जुटी रही. रमेश हर्षधर ने कहा कि झुमरीतिलैया शहर में जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है.
अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से बढ़ा जाम
सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े किए जाने, अतिक्रमण और यातायात नियमों का पालन नहीं होने के कारण लोगों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के सुस्त रवैये के कारण उन्हें स्वयं सड़क पर उतरना पड़ा है. अध्यक्ष ने कहा कि नगर परिषद की ओर से लगातार व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने में प्रशासनिक सहयोग जरूरी है. शहरवासियों को जाम से राहत दिलाने के लिए ठोस और नियमित कार्रवाई की आवश्यकता है.
अध्यक्ष के कदम पर उठे सवाल
कुछ लोगों ने कदम की आलोचना भी कीदूसरी ओर, नगर परिषद अध्यक्ष के हाथ में डंडा लेकर यातायात व्यवस्था संभालने के कदम की कुछ लोगों ने आलोचना भी की. आलोचकों का कहना है कि यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करना प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है.
निर्वाचित जनप्रतिनिधि का इस तरह सड़क पर उतरकर दंडाधिकारी की भूमिका निभाना उचित नहीं है. लोगों ने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन के साथ समन्वय कर कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि मौके पर स्वयं व्यवस्था संभालने का प्रयास करना चाहिये.
