कोडरमा: कला एकीकरण पर शिक्षक प्रशिक्षण, रचनात्मक सोच विकसित करने पर जोर

कोडरमा में शिक्षकों के लिए कला एकीकरण पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित हुआ. इसमें मिताली मुखर्जी ने प्रभावी शिक्षण के गुर सिखाए, जिससे बच्चों में रचनात्मक सोच और समग्र विकास हो सके.

कोडरमा. तिलैया डैम स्थित ग्रिजली विद्यालय सभागार में कला एकीकरण विषय पर विशेष शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण की मुख्य वक्ता पटना की मिताली मुखर्जी थीं. सीइओ प्रकाश गुप्ता और प्राचार्या अंजना कुमारी ने मिताली मुखर्जी का स्वागत पौधा भेंट कर किया. इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया.

कला एकीकरण की अवधारणा और उद्देश्य समझाये

प्रशिक्षण के दौरान मिताली मुखर्जी ने कला एकीकरण की अवधारणा, इसके उद्देश्यों और कक्षा-कक्ष में इसके प्रभावी प्रयोग के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि कला एकीकरण केवल कला और किसी अन्य विषय को एक साथ पढ़ाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक उद्देश्यपूर्ण शिक्षण पद्धति है. इसमें विद्यार्थी कला के माध्यमों से अकादमिक विषयों की समझ विकसित करते हैं.

विश्लेषणात्मक और रचनात्मक सोच विकसित करने पर जोर

उन्होंने शिक्षकों को पारंपरिक शिक्षण पद्धति से आगे बढ़कर विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक, रचनात्मक और स्वतंत्र चिंतन विकसित करने के लिए प्रेरित किया. प्रशिक्षण के दौरान कला और अकादमिक विषयों के बीच पारस्परिक संबंध को समझाया गया. कार्यक्रम में कला आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास पर भी विशेष चर्चा हुई.

पाठ योजना में ‘प्लान-डू-चेक-एक्ट’ पद्धति की जानकारी

शिक्षकों को अनुभवात्मक अधिगम चक्र और पाठ योजना में ‘प्लान-डू-चेक-एक्ट’ पद्धति के प्रयोग से भी परिचित कराया गया. इससे शिक्षकों को कक्षा में कला आधारित शिक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के तरीकों की जानकारी दी गयी.

निरंतर प्रशिक्षण से शिक्षण गुणवत्ता बेहतर होगी

मौके पर दोनों ने संयुक्त रूप से कहा कि शिक्षकों का निरंतर व्यावसायिक विकास शिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उन्होंने कहा कि कला के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को अधिक रोचक, प्रभावी और रचनात्मक बनाया जा सकता है.

कार्यक्रम का आयोजन स्टूडेंट्स सर्विस सेल के समन्वयक सुधांशु कुमार के मार्गदर्शन में किया गया. आयोजन को सफल बनाने में सहायक व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षक आलोक कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

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By Rajesh

राजेश सिंह, जयनगर वर्ष 2000 से प्रभात खबर से जुड़ कर काम कर रहे हैं. आंचलिक पत्रकारिता का करीब 26 वर्षों का लंबा अनुभव है.

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