रात के अंधेरे में प्रेमिका से मिलना प्रेमी को पड़ गया भारी, ग्रामीणों ने पकड़ के करा दी शादी

Koderma News: कोडरमा के सतगावां में प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और पंचायत के फैसले के बाद मंदिर में दोनों की शादी करा दी. बाद में युवक ने थाने पहुंचकर शादी स्वीकार करने से इनकार कर दिया. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

सतगांवा से सुधीर सिंह की रिपोर्ट

Koderma News: झारखंड के कोडरमा जिले के सतगावां थाना क्षेत्र अंतर्गत मीरगंज पंचायत के पचौड़ी गांव में गुरुवार रात प्रेमी युगल का मिलना दोनों के लिए भारी पड़ गया. प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचे युवक को परिजनों ने रंगे हाथ पकड़ लिया. इसके बाद गांव में हंगामा खड़ा हो गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए. घटना के बाद शुक्रवार सुबह पंचायत बैठी और सामाजिक दबाव के बीच गांव के घोडसीमर मंदिर में दोनों की शादी करा दी गई. हालांकि बाद में युवक ने थाने पहुंचकर शादी स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिससे मामला और उलझ गया.

इंस्टाग्राम पर हुई थी दोनों की दोस्ती

ग्रामीणों और पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार युवक रौशन कुमार और युवती काजल कुमारी की पहचान करीब पांच महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी. सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई. बताया गया कि रौशन कुमार सतगावां थाना क्षेत्र के ईटाय गांव का रहने वाला है, जबकि काजल कुमारी पचौड़ी गांव की निवासी है. दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी और गुरुवार रात युवक अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंच गया.

रात में मचा हंगामा, जुटे सैकड़ों ग्रामीण

गुरुवार देर रात जब युवक प्रेमिका से मिल रहा था, उसी दौरान लड़की के परिजनों की नजर दोनों पर पड़ गई. इसके बाद घर में शोर-शराबा शुरू हो गया. हंगामा सुनकर आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए. कुछ ही देर में गांव के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए. ग्रामीणों ने दोनों को लेकर पंचायत बैठाई और सामाजिक बदनामी तथा लोकलाज का हवाला देते हुए शादी कराने का फैसला लिया. जानकारी के अनुसार, युवक रौशन कुमार का फुआ घर भी पचौड़ी गांव में ही है, जिसके कारण उसका गांव में आना-जाना पहले से था.

घोडसीमर मंदिर में कराई गई शादी

शुक्रवार सुबह गांव के पास स्थित घोडसीमर मंदिर में ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों की शादी कराई गई. शादी के दौरान मंदिर परिसर में घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा. लड़का और लड़की दोनों के परिजन भी मौके पर पहुंचे. दोनों पक्षों के बीच रजामंदी बनाने की कोशिश हुई, लेकिन बात पूरी तरह नहीं बन सकी. ग्रामीणों के दबाव और पंचायत के फैसले के बीच शादी की रस्म पूरी कराई गई. ग्रामीणों का कहना था कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और सामाजिक विवाद से बचने के लिए शादी कराना जरूरी समझा गया.

युवक ने शादी मानने से किया इनकार

मामले ने नया मोड़ तब ले लिया, जब शादी के बाद प्रेमी युगल सतगावां थाना पहुंचे. थाना पहुंचकर युवक रौशन कुमार ने प्रेमिका काजल कुमारी को अपनाने से साफ इनकार कर दिया. रौशन कुमार का आरोप है कि ग्रामीणों ने उसके साथ जबरदस्ती की और दबाव बनाकर शादी करा दी. उसने कहा कि वह शादी के लिए तैयार नहीं था, लेकिन सामाजिक दबाव में उसे मजबूर किया गया. युवक के इनकार के बाद मामला और जटिल हो गया है. पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है.

इसे भी पढ़ें: बिरसा मुंडा जेल की महिला बंदी के गर्भवती होने के मामले पर हाईकोर्ट सख्त, डीजीपी से मांगा जवाब

उम्र सत्यापन में जुटी पुलिस

सतगावां थाना प्रभारी ने बताया कि मामले को लेकर अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. पुलिस दोनों की उम्र सत्यापन के लिए दस्तावेज जुटा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवक और युवती बालिग हैं या नहीं. यदि दोनों बालिग पाए जाते हैं तो उनके बयान और इच्छा के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. फिलहाल, गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है. सोशल मीडिया पर शुरू हुई प्रेम कहानी अब पंचायत, शादी और पुलिस जांच तक पहुंच गई है.

इसे भी पढ़ें: साहिबगंज में वन विभाग की कार्रवाई, उधवा झील से पक्षी का शिकारी गिरफ्तार

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >