कोडरमा–तिलैया रेल लाइन फरवरी 2026 तक होगी पूरी

पूर्व-मध्य रेलवे की बैठक में कोडरमा–तिलैया लाइन की समीक्षा

: कोयला परिवहन को नयी गति देने को तैयार पूर्व-मध्य रेलवे : पूर्व-मध्य रेलवे की बैठक में कोडरमा–तिलैया लाइन की समीक्षा कोडरमा. पूर्व-मध्य रेलवे हाजीपुर के महाप्रबंधक छत्रलाल सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में पूर्व-मध्य रेलवे क्षेत्र के विभिन्न रेल निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा की गयी. बैठक में विशेष रूप से झारखंड के धनबाद रेल मंडल में चल रही महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गयी, जिनमें प्रमुख रूप से कोडरमा–तिलैया नयी रेल लाइन परियोजना, टोरी-शिवपुर तीसरी रेल लाइन तथा गोमो में निर्माणाधीन फ्लाई ओवर शामिल हैं. बैठक में अपर महाप्रबंधक अमरेंद्र कुमार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण-उत्तर) श्री रामजन्म और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण-दक्षिण) रामश्रय पांडे ने भी भाग लिया और संबंधित परियोजनाओं की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की़ बैठक मे 2025-26 के दौरान नयी लाइन 90 किलोमीटर तथा दोहरीकरण 184 किलोमीटर और परियोजना से जुड़े लगभग 274 किलोमीटर का भी कार्य का लक्ष्य रखा गया है. यह जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद ने दी. कोडरमा–तिलैया नयी रेल लाइन बैठक की सबसे अहम कड़ी रही कोडरमा–तिलैया नयी रेल लाइन परियोजना, जिसकी लंबाई 65 किलोमीटर है. इसमें से 50 किलोमीटर तक कार्य पूर्ण हो चुका है़ झारखंड क्षेत्र के 14 किलोमीटर ट्रैक पर सभी आवश्यक प्रक्रिया एवं निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं. रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि गझंडी की ओर जाने वाले मार्ग में रेलवे ब्रिज पहले ही बन कर तैयार है, जो लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व पूर्ण हो गया था़ अब केवल जामुलदह से खेरोंद तक का निर्माण कार्य शेष है, जिस पर युद्ध स्तर पर कार्य जारी है. उम्मीद है कि फरवरी 2026 तक यह पूरी रेल लाइन चालू कर दी जायेगी़ इस रेल लाइन के चालू होते ही कोडरमा से राजगीर जाने में यात्रियों को सुविधा होगी. पहले जहां लंबी दूरी तय कर जाना पड़ता था, अब सीधी कनेक्टिविटी मिलने से समय और पैसा दोनों की बचत होगी़ इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1600 करोड़ रुपये है. टोरी-शिवपुर तीसरी रेल लाइन बैठक में टोरी-शिवपुर तीसरी रेल लाइन पर भी विशेष ध्यान दिया गया़ यह परियोजना कोयला लदान और मालवाहन की दृष्टि से अत्यंत अहम मानी जा रही है़ धनबाद रेल मंडल के वरिष्ठ परिचालन प्रबंधक अंजय तिवारी ने बताया कि यह लाइन अगले 15 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जायेगी़ रेल लाइन की कुल लंबाई 44 किलोमीटर है, जिसमें से केवल टोरी से बीराटोली के बीच सात किलोमीटर का हिस्सा शेष है़ शेष हिस्सों में कार्य पूरा हो चुका है़ इस लाइन के शुरू होते ही सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) के कोयला लदान की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी़ वर्तमान में जहां 25 रैक प्रतिदिन कोयला लोड हो रहा है, वहीं इस लाइन के चालू होते ही यह संख्या बढ़ कर 60 रैक प्रतिदिन तक पहुंच सकती है़ इसका सीधा लाभ देश के कई राज्यों को समय पर कोयला आपूर्ति के रूप में मिलेगा़ यह परियोजना लगभग 900 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जा रही है़

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Deepesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >