झुमरीतिलैया: झुमरीतिलैयाअंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) की ओर से जिले में पहली बार सोमवार को यहां भव्य रथयात्रा निकाली गयी. रथ पर विराजमान भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन व आशीर्वाद हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. रथयात्रा की शुरुआत के कुछ देर बाद लगातार हुई बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आयी.
बारिश की फुहारों के बीच हजारों श्रद्धालु जय जगन्नाथ, हरे कृष्ण, हरे राम और हरिनाम संकीर्तन के साथ भगवान के रथ को खींचते हुए पूरे मार्ग में भक्ति का अद्भुत वातावरण बनाते दिखे. इस दौरान पूरा शहर भक्तिरस में सराबोर हो गया. रथयात्रा का शुभारंभ सुभाष चौक से मुख्य अतिथि कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव, पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता तथा भाजपा जिलाध्यक्ष अनूप जोशी ने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर किया.
यात्रा सुभाष चौक से स्टेशन रोड, झंडा चौक, पूर्णिमा टॉकीज, काली मंदिर, महाराणा प्रताप चौक, मौसीबाड़ी होते हुए संकट मोचन मंदिर तक पहुंची. यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ की आरती उतारी, पुष्प वर्षा की और जयघोष के साथ रथ का स्वागत किया.
कई स्थानों पर महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से आरती कर भगवान का अभिनंदन किया. हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और धार्मिक झांकियों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. भीगते हुए श्रद्धालु भगवान के जयकारे लगाते हुए पूरे उत्साह से रथ को खींचते रहे.
जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण
विधायकविधायक डॉ. नीरा यादव ने कहा कि झुमरीतिलैया में पहली बार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथयात्रा निकलना पूरे जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण है. उन्होंने भगवान जगन्नाथ से जिलेवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हुए कहा कि यह धार्मिक परंपरा आने वाले वर्षों में और अधिक भव्य रूप में आगे बढ़ेगी.
उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा सभी पर बनी रहे और समाज में प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारे की भावना मजबूत हो. इस्कॉन हजारीबाग के कोऑर्डिनेटर डॉ केशव आनंद दास ने कहा कि कोडरमा की पावन भूमि पर पहली बार भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन होना अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय है.
पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, प्रेम, सेवा और समरसता का संदेश देने वाला महापर्व है.
40 फीट ऊंचा अत्याधुनिक रथ बना मुख्य आकर्षण रथयात्रा के दौरान 40 फीट ऊंचा आधुनिक एवं भव्य रथ मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा. आवश्यकता पड़ने पर इसकी ऊंचाई 16 फीट तक कम की जा सकती थी. रिमोट संचालित इस रथ की चौड़ाई लगभग 12 फीट थी औऱ इसे जापानी सिल्क से आकर्षक ढंग से सजाया गया था.
रथ के शीर्ष पर तीन फीट ऊंचा सुदर्शन चक्र स्थापित किया गया था, जबकि आगे चार घोड़ों की आकर्षक प्रतिकृति इसकी भव्यता को और बढ़ा रही थी. रथ के दोनों ओर 100 से 150 फीट लंबी रस्सियां लगायी गयी थीं, जिन्हें हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ खींचा.
सामाजिक संगठनों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका रथयात्रा की सुरक्षा एवं व्यवस्था में विश्व हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) सहित विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों ने सक्रिय भूमिका निभायी.
शहर की प्रेरणा शाखा, रोटरी क्लब, गायत्री परिवार, अनिता यादव वेलफेयर फाउंडेशन, वैश्य हलवाई समाज सहित कई संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा, आरती, शरबत तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की. महाराणा प्रताप चौक पर मारवाड़ी युवा मंच द्वारा शरबत, पेयजल एवं खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया.
रथयात्रा में पंकज दुबे, नितेश गुप्ता, चन्द्रशेखर जोशी, अतुल आनंद सिंह, नितेश कुमार, मनोज चन्द्रवंशी, दिलीप सिंह, मनोज राणा, कैलाश चौधरी, सुनील बड़गवे, मुरारी बड़गवे, विक्की चौधरी, शालु चौधरी, अविनाश सिंह, इन्द्रदेव वर्णवाल, मुकेश कुमार, संजय शर्मा, सुजल भदानी, आदित्य कुमार, सुनीति सेठ, सुषमा सुमन, अनुराग सिंह, विजय शुक्ला, सुमन मोदी, नीलम जोशी, सबीता अठघरा, सुजाता सहित हजारों श्रद्धालु शामिल हुए.
सुरक्षा के दिखे पुख्ता इंतजामइधर, रथ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम दिखे. सुभाष चौक से लेकर यात्रा मार्ग पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा. खासकर यात्रा मार्ग में ट्रैफिक जाम की स्थिति न हो इसको लेकर पुलिस सतर्क रही. इधर, सुरक्षा व्यवस्था के बीच रथ यात्रा में शामिल दो-तीन महिलाओं ने चेन चोरी की भी शिकायत की. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
