महंगाई में घर चलाना मुश्किल, रसोईया का मानदेय बढ़ाया जाये
कोडरमा. केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और लेबर कोड के खिलाफ व न्यूनतम 26 हजार मानदेय देने सहित 17 सूत्री मांगों को लेकर सीटू सहित दस ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर नौ जुलाई को देशव्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया है. इस हड़ताल में विद्यालय रसोईया शामिल हाेंगी.
यह निर्णय शनिवार को ध्वजाधारी परिसर कोडरमा में महेंद्र तुरी की अध्यक्षता में हुई झारखंड राज्य रसोईया संयोजिका यूनियन (सीटू) की जिला स्तरीय बैठक में लिया गया. मौके पर सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि कमरतोड़ महंगाई के कारण गरीबों का जीना मुश्किल हो गया है. सरकारी स्कूलों में सैकड़ों बच्चों का खाना बनाने वाली रसोईया बहनों को बहुत कम मानेदय मिलता है. इनकी मेहनत का मजाक उड़ाया जा रहा है. सीटू के जिला सचिव रमेश प्रजापति ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा मजदूरों के अधिकारों को कुचल कर चार लेबर कोड में बदल कर काम के घंटे आठ की जगह बारह घंटे किया जा रहा है. बैठक में हड़ताल को सफल बनाने के लिए 21 जून को रसोईया यूनियन का जिला स्तरीय कन्वेंशन करने का निर्णय लिया गया. बैठक को बीएसएसआर यूनियन के सचिव दिलीप कुमार सिन्हा, रसोईया यूनियन की संयोजक संध्या पांडेय और राजू तुरी ने भी संबोधित किया. बैठक में मुनेजा खातुन, गुड़िया देवी, रेखा देवी, आसमा खातुन, विमला देवी, चंचला देवी, नाजरा खातुन, मालती देवी, शीला देवी, किरण देवी, मुनीया देवी, लुकेश्वरी देवी, सुदामा देवी, कुसुम देवी, कैलाशी देवी, कुंती देवी, मालती देवी, सुंदरी देवी, झुलिया देवी, छाया देवी आदि उपस्थित थीं.
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