वन विभाग की कोशिशों के बावजूद नहीं थम रही कोडरमा के जंगलों में अवैध कटाई, तेजी से सिकुड़ रहा वन क्षेत्र

कानिकेंद जंगल में लगातार हो रही पेड़ों की कटाई. ग्रामीण बेखौफ होकर लकड़ी ले जा रहे हैं, पर्यावरण पर मंडरा रहा है खतरा. वन विभाग की कोशिशें नाकाम.

मरकच्चो(कोडरमा). प्रखंड क्षेत्र के कानिकेंद जंगल में हरियाली पर लगातार संकट गहराता जा रहा है. ग्रामीण महिलाएं रोजाना हरे-भरे पेड़ों को धड़ल्ले से काटकर घर ले जा रही हैं. वन विभाग की लाख कोशिशें हो रही हैं. फिर भी, वनों की अवैध कटाई पर अंकुश नहीं लग पा रहा है.

ग्रामीण अपनी जरूरत के मुताबिक एक-एक कर पेड़ों को निशाना बना रहे हैं. रोजाना दर्जनों पेड़ों की कटाई कर महिलाएं लकड़ी का बोझा बांधकर जंगल के पास वाले रास्तों से होकर अपने घर ले जाती हैं. विशेषकर जंगल से सटे हुए गांवों के लोग अपनी-अपनी आवश्यकताओं के लिए बढ़ते हुए पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर रहे हैं.

कटाई के कारण जंगल का क्षेत्र तेजी से सिकुड़ रहा

ईंधन के रूप में इस्तेमाल के लिए भी ग्रामीणों द्वारा बड़े पैमाने पर लकड़ी काटी जा रही है. लगातार कटाई के कारण जंगल का क्षेत्र तेजी से सिमटता जा रहा है. सोमवार की शाम कानिकेंद जंगल से एक दर्जन से अधिक महिलाएं लकड़ी काटकर बोझा बनाकर अपने घर ले जाते हुए कोडरमा गिरिडीह मुख्य मार्ग पर देखी गई.

कठोर परिस्थितियों में, ये महिलाएं शायद किसी भी भय या रोक-टोक की परवाह किए बिना अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कटाई करती हैं.

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अवैध कटाई से पर्यावरण और वन्यजीवों पर मंडराता गंभीर खतरा

लगातार हो रही कटाई से जंगल का क्षेत्र सिकुड़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पूरा जंगल साफ हो जाएगा. इससे पर्यावरण असंतुलन के साथ-साथ वन्य जीवों के आशियाने भी खतरे में पड़ जाएंगे.

इधर, वन विभाग गश्ती और निगरानी बढ़ाकर अवैध कटाई रोकने का प्रयास कर रहा है. ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि जंगल बचाने में सहयोग करें.

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By Vikash Kumar

विकास कुमार को 17 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव है. प्रभात खबर में वर्ष 2012 से जुड़े हुए हैं. बतौर ब्यूरो प्रमुख कोडरमा में सेवाएं दे रहे हैं. इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के साथ क्राइम व पॉलिटिक्स की खबरों पर अच्छी पकड़ है. प्रभात खबर से पहले दैनिक जागरण से जुड़े रहे हैं. नयी दिल्ली, नोएडा व पंजाब जैसे शहरों में कार्य कर चुके हैं. इन्हें रिपोर्टिंग के साथ डेस्क पर भी वर्षों काम करने का अनुभव है. कोडरमा से रिपोर्टिंग के दौरान इन्होंने शिक्षक नियुक्ति घोटाला, कल्याण विभाग में घोटाला सहित कई गड़बड़ियों को उजागर किया है. इनकी अवैध खनन को लेकर की गयी बेहतरीन व अलग रिपोर्टिंग के लिए भी इनकी खुले मंच पर प्रशंसा हो चुकी है.

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