कॉमर्स कॉलेज में 10 माह से शासी निकाय का गठन नहीं

शिक्षकों व कर्मियों को तीन माह से नहीं मिला वेतन, मानदेय-अनुदान वितरण भी रुका

: शिक्षकों व कर्मियों को तीन माह से नहीं मिला वेतन, मानदेय-अनुदान वितरण भी रुका : वेतन नहीं मिलने से भुखमरी के कगार पर पहुंचे शिक्षक और कर्मी, झेल रहे हैं परेशानी प्रतिनिधि कोडरमा . जिले के शिक्षण संस्थानों में इन दिनों नियम कानून को ताक पर रखा जा रहा है़ कहीं नियम कानून को ताक पर रख वित्तीय गड़बड़ी की जा रही है, तो कहीं शिक्षकों व कर्मियों के समक्ष ही संकट खड़ा है़ ताजा मामला, झुमरीतिलैया कॉमर्स इंटर कॉलेज का है़ यहां के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी इन दिनों भुखमरी जैसी स्थिति में पहुंच गये हैं. दरअसल, गत 10 महीनों से कॉलेज में शासी निकाय का गठन नहीं हुआ है़ इस कारण कर्मियों को न तो मानदेय मिल पाया है और न ही राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली अनुदान की राशि का वितरण हो सका है. इस स्थिति ने न सिर्फ कर्मियों के घर के चूल्हा-चौका को ठप कर दिया है, बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी चोट पहुंच रही है़ कॉलेज कर्मियों ने गत 21 अप्रैल को वर्तमान प्राचार्य आभा सहाय एवं संस्थापक कार्यकारी सचिव राजेंद्र प्रसाद गांधी को पत्र सौंप कर शीघ्र शासी निकाय के गठन की मांग की थी, परंतु आज तक कोई पहल नहीं हुई है. आज हाल यह हो गया है कि कॉलेज की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. कॉलेज में किसी प्रकार का निर्णय लेने वाला कोई वैध निकाय नहीं है, जिससे सारा कामकाज ठप पड़ा है. तीन महीने से वेतन न मिलने के कारण कई कर्मी कर्ज लेकर किसी तरह घर चला रहे हैं. जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी और कोडरमा विधायक शासी निकाय के पदेन सदस्य हैं. इनके साथ वर्तमान प्राचार्य व जैक प्रतिनिधि जो सीएच 2 हाई स्कूल के प्रभारी प्राचार्य हैं, शासी निकाय के सदस्य है़ं इसके बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है. बताया जाता है कि जब तक वास्तविक और अधिकृत निकाय का गठन नहीं होगा, कॉलेज की व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकती. नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मी ने बताया कि कुछ लोग जानबूझकर शासी निकाय का गठन नहीं होने दे रहे हैं, ताकि कॉलेज की वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मनमाना ढंग से चलाया जा सके. इधर, इस संबंध में पूछे जाने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अविनाश राम ने कहा कि झुमरीतिलैया कॉमर्स इंटर कॉलेज में दस माह से शासी निकाय का गठन नहीं होने का मामला संज्ञान में नहीं है़ अगर ऐसा है, तो इसकी जानकारी लेकर पहल की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Deepesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >