कोडरमा : ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और सफल उद्यमी बनाने के उद्देश्य से सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र कोडरमा में झारखंड इनक्यूबेटर प्रोग्राम के तहत जिला स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, विशिष्ट अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष रामधन यादव, जेएसएलपीएस के डीपीएम प्रकाश रंजन और दीदियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
प्रशिक्षण से लेकर बाजार तक मिलेगा सहयोग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने और उसे विकसित करने के लिए जरूरी प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता और बाजार से जुड़ाव उपलब्ध कराना है.
यह कार्यक्रम झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा आईआईएम कोलकाता इनोवेशन पार्क के तकनीकी सहयोग से संचालित किया जा रहा है. कार्यक्रम के तहत अगले तीन वर्षों में पूरे झारखंड में 150 महिला-नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को सहयोग देने का लक्ष्य रखा गया है.
क्षमता निर्माण और वित्तीय सहायता पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि झारखंड में लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हैं. अब इन प्रयासों को अगले स्तर तक ले जाने की जरूरत है. कार्यक्रम के माध्यम से क्षमता निर्माण, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता, सॉफ्ट लोन, मार्केट लिंकेज, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और व्यवसाय के औपचारिकीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी.
उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण महिलाएं आत्मविश्वास के साथ अपने उद्यमों का विस्तार कर सकेंगी और महिला-नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को नयी पहचान मिलेगी.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
जिला परिषद अध्यक्ष रामधन यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार पहुंच और संस्थागत सहयोग से ग्रामीण महिलाओं के लिए नये अवसर पैदा होंगे. इससे सतत आजीविका को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
मौके पर महिला उद्यमी, जेएसएलपीएस के विभिन्न कैडर, सीआरपी, बीडीएसपी, पीआरपी और बैंक सखी सहित पलाश जेएसएलपीएस के डीपीएम प्रकाश रंजन एवं अन्य कर्मी मौजूद थे. आईआईएम कोलकाता के प्रशिक्षक स्नेहाशीष दास भी कार्यक्रम में शामिल हुए.
