कोडरमा: ग्रिजली कॉलेज ऑफ एजुकेशन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय झुमरी तिलैया कोडरमा द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नशा मुक्त समाज बनाने हेतु विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी जूली ने अपने संबोधन में नशा के द्वारा होने शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों तथा नशा से बचाव के उपायों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा किया.
उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक क्षमता को क्षीण करने के साथ-साथ उसके परिवार, सामाजिक संबंधों और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है. उन्होंने प्रशिक्षुओं को नशा मुक्त एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा भारत सरकार द्वारा संचालित नशा उन्मूलन और जन-जागरूकता के विभिन्न अभियानों एवं गतिविधियों से अवगत कराया.
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी रुचिका ने प्रशिक्षुओं और महाविद्यालय के सभी सदस्यों को नशा मुक्ति हेतु शपथ दिलाई. मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहित कुमार तिवारी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह उसकी सोच, व्यक्तित्व, पारिवारिक संबंधों, सामाजिक प्रतिष्ठा और भविष्य की संभावनाओं को भी कमजोर करता है. विशेष रूप से युवा पीढ़ी किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है.
इसलिए युवा वर्ग को नशे से सुरक्षित रखना केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्व है. कार्यक्रम में महाविद्यालय के बीएड सत्र 2025-27 के सभी प्रशिक्षु एवं महाविद्यालय के आई क्यू ए सी समन्वयक मनीष कुमार सिन्हा, डी एल एड समन्वयक खुशबू कुमारी सिन्हा एवं सभी सहायक प्राध्यापक डॉ. इंद्र कुमार जायसवाल, अनिल दास, सीताराम यादव, चुन्नु कुमार, बिनीता कुमारी एवं अन्य सहित सभी शिक्षकेतर कर्मचारी आदि मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन शैक्षणिक समन्वयक सौरभ शर्मा ने किया.
