नेपाल होकर अपनी ही पंचायत पहुंचे किशनगंज DM-SP, जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था पर जताई नाराजगी

बिहार के किशनगंज में दल्लेगांव पंचायत जाने के लिए डीएम और एसपी को नेपाल की सीमा से होकर गुजरना पड़ा. जानिए क्या है पूरी खबर और वहां की भौगोलिक चुनौतियां.

ठाकुरगंज (कोडरमा). सीमा के इस पार बिहार, उस पार नेपाल और बीच में ऐसी भौगोलिक मजबूरी कि अपने ही जिले की पंचायत पहुंचने के लिए जिला प्रशासन के मुखिया को दूसरे देश का रास्ता लेना पड़ा. गुरुवार को दल्लेगांव पंचायत की जमीनी हकीकत जानने निकले जिला पदाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार का दौरा इसी तस्वीर को सामने लाया.

ठाकुरगंज प्रखंड मुख्यालय से दल्लेगांव पंचायत के निरीक्षण के लिए निकले डीएम और एसपी पहले पाठामारी बॉर्डर पहुंचे. यहां से नेपाल सरकार द्वारा निर्मित झूला पुल पार कर दोनों अधिकारी नेपाल के झापा जिले के पाठामारी पहुंचे. इसके बाद मोटरसाइकिल से नेपाल सीमा से सटे रास्ते से दल्लेगांव पंचायत के दल्लेगांव और भवानीपुर पहुंचे.

नेपाल सीमा पार कर बाइक से गांव पहुंचे अधिकारी

यह सिर्फ अधिकारियों के दौरे का रास्ता नहीं था, बल्कि दल्लेगांव की भौगोलिक और विकास संबंधी चुनौती की एक तस्वीर भी थी. जिस पंचायत का हिस्सा बिहार और जिला किशनगंज में है, वहां पहुंचने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों को पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करनी पड़ी और फिर मोटरसाइकिल से गांवों तक पहुंचना पड़ा. दल्लेगांव और भवानीपुर में डीएम-एसपी ने सड़क, पुल, विद्यालय, स्वास्थ्य सुविधा, नदी कटाव सहित पंचायत की विभिन्न समस्याओं को करीब से देखा. मेची नदी के कटाव और आवागमन की समस्याओं की भी जानकारी ली गई. दोनों अधिकारियों ने मध्य एवं उच्च विद्यालयों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया.


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बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर भड़के डीएम

स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल स्थिति सामने आने पर डीएम ने नाराजगी जताई. उन्होंने पंचायत में सप्ताह में दो दिन मेडिकल कैंप लगाने का निर्देश दिया, ताकि सीमावर्ती ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर जाने की मजबूरी नहीं रहे. पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सह एमआईएम जिलाध्यक्ष गुलाम हसनैन ने डीएम के समक्ष सड़क, पुल, स्वास्थ्य सुविधा और नदी कटाव समेत विभिन्न समस्याओं को रखा. उन्होंने सीमावर्ती पंचायत की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं और संपर्क मार्ग को मजबूत करने की मांग की. दल्लेगांव का जायजा लेने के बाद डीएम और एसपी जिस रास्ते से लौटे, वह भी कम दिलचस्प नहीं था. अधिकारी पुनः नेपाल सीमा की ओर से होते हुए सुखानी और कादोगांव के रास्ते जिला मुख्यालय पहुंचे. यानी अपने ही जिले की पंचायत तक पहुंचने और वहां से लौटने के लिए अधिकारियों को नेपाल होकर सफर करना पड़ा.

दल्लेगांव के विकास और आवागमन पर उठे सवाल

दल्लेगांव की यह तस्वीर सवाल छोड़ती है कि जब जिला मुख्यालय से अपने ही जिले की एक पंचायत तक पहुंचने के लिए नेपाल की सीमा का सहारा लेना पड़े, तो वहां रहने वाले आम ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा का आवागमन कितना आसान होगा. डीएम-एसपी के इस दौरे ने सीमावर्ती दल्लेगांव की समस्याओं को प्रशासन के सामने जमीनी स्तर पर ला खड़ा किया है. निरीक्षण के दौरान एसडीएम अनिकेत कुमार, एडीएम आपदा, प्रखंड विकास पदाधिकारी आशीष कुमार, अंचलाधिकारी मृत्युंजय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.

1, झूला पुल होकर जाते डीएम एसपी 2. मोटर साईकिल से पंचायत भ्रमण में निकले अधिकारी 3.दल्लेगाँव में अधिकारी 4. झूला पुल पर अधिकारी 3 | Prabhat Khabar Network
1, झूला पुल होकर जाते डीएम एसपी 2. मोटर साईकिल से पंचायत भ्रमण में निकले अधिकारी 3.दल्लेगाँव में अधिकारी 4. झूला पुल पर अधिकारी 3 | Prabhat Khabar Network
1, झूला पुल होकर जाते डीएम एसपी 2. मोटर साईकिल से पंचायत भ्रमण में निकले अधिकारी 3.दल्लेगाँव में अधिकारी 4. झूला पुल पर अधिकारी 3 | Prabhat Khabar Network

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लेखक के बारे में

By बच्छराज

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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